केस एक-गाड़ी संख्या 12903 मुंबई से अमृतसर जा रही थी। गुरुवार रात करीब 11.03 बजे ट्रेन तलहेड़ी स्टेशन से होकर गुजरी। करीब 11.05 बजे जब वह नागल स्थित खटोली गांव के समीप खंभा नंबर 159/10 पर पहुंची तो ड्राइवर को ट्रेन से किसी वस्तु के टकराने की आवाज आई।
जिसकी सूचना ड्राइवर ने तलहेड़ी और नागल स्टेशन मास्टर को वॉकी टॉकी के जरिए दी। रात में ही रेलवे पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की। ट्रेन की टक्कर लगने के बाद बाइक के टूटे पुर्जे शुक्रवार को घटनास्थल पर इधर-उधर बिखरे मिले।
केस दो- इसी साल 13 जनवरी को खुर्जा पैसेंजर पांची के समीप अंडरपास के निकट पलटाने की कोशिश की। ट्रेन के लोको पायलट ने इमरजेंसी में ब्रेक लगाकर ट्रेन की पहले स्पीड कम की, उसके बाद ट्रेन को रोक लिया। गनीमत है कि जान बच गई, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
केस तीन-19 दिसंबर 2018 को दिल्ली से हरिद्वार जा रही ट्रेन संख्या 18477 उत्कल एक्सप्रेस के सामने सीमेंट के खंभे रखकर पलटाने का प्रयास किया गया था। रात करीब आठ बजे बसेड़ा रेलवे फाटक के पास ट्रेन का इंजन ट्रैक पर रखे गए सीमेंट के दो खंभों को तोड़ता हुआ निकल गया। किसी ने साजिश के तहत ट्रैक पर खंभे रख दिए थे।
अंबाला से यमुनानगर और सहारनपुर के बीच में दो दर्जन जगहों पर लोगों ने अपनी सुविधानुसार अवैध क्रॉसिंग बना रखी है। पिछले सप्ताह एक बाइक सवार ट्रेन की चपेट में आ गया था। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। यमुनानगर-जगाधरी आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश कुमार का कहना है कि कुछ लोग दोपहिया से अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करते हैं।
लोगों को जागरूक किया जाता है और अनाधिकृत रास्ते में अवरोध भी लगाएं जाते हैं, लेकिन लोग मानते नहीं है। इस साल रेलवे प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 153 के तहत आधा दर्जन मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
रेलवे इंजीनियरिंग टीम के साथ मिलकर रात को रेलवे ट्रैक की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा तमाम अनाधिकृत क्रासिंग को बंद करवा कर वहां अवरोध लगाएं जाएंगे। संवेदनशील जगहों पर तारबंदी भी करवाई जाएगी। सहारनपुर के पास हुए हादसे की जांच वहां की पुलिस कर रही है। -सी. रघुबीर, आरपीएफ कमांडेंट