संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों की संख्या और उनके काटने की घटनाओं से शहर के लोग परेशान हैं। प्रतिदिन कुत्तों के हमले से 15 से 20 लोग घायल हो रहे हैं। शहर के लोहगढ़ क्षेत्र से सिमरनजीत सिंह, पुनीत कुमार, बलटाना क्षेत्र में रामू मौर्य, गुरबिंदर सिंह का कहना है कि एक महीना पहले आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम करने के लिए टेंडर प्रक्रिया मुकम्मल की जानकारी मिली थी। एक कंपनी को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया था। देखने में आ रहा है कि इस प्रक्रिया के मुकम्मल होने के एक महीना बीत जाने के बाद अभी तक नसबंदी का काम शुरू भी नहीं हो पाया है जो कि चिंता वाली बात है क्योंकि शहर में आवारा कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया के बाद जिस कंपनी को आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम करने संबंधी वर्क आर्डर जारी किया है, उस कंपनी ने एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अपना काम शुरू नहीं किया, इसलिए नगर परिषद को उस कंपनी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। बिना किसी देरी के उसे काम शुरू करने के लिए आदेश जारी करने चाहिए। इसके अलावा काम देरी से शुरू करने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाना चाहिए।
कोट्स ::::
नगर परिषद जीरकपुर ने दो हजार कुत्तों की नसबंदी के काम संबंधी वर्क आर्डर जारी कर दिया गया था। पर 29 लाख रुपये की लागत आने वाली है। कुछ ही दिनों में एग्रीमेंट आदि की सारी कार्यवाही मुकम्मल होने के बाद ठेकेदार नसबंदी का काम शुरू कर देगा। अगर काम शुरू नहीं किया जाता तो नियमों के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। - अमनदीप शर्मा, जेई, नगर परिषद जीरकपुर