चंडीगढ़ में पुलिस पोस्ट से लेकर थानों के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम 22 जून तक पूरा किया कर लिया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने बताया कि सभी 17 थानों की निगरानी के लिए 23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
कुख्यात गैंगस्टर कौशल ने सीनियर एडवोकेट बिपिन घई के माध्यम से याचिका दाखिल कर बताया था कि उसके खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज हैं। सिर्फ हरियाणा में उसके खिलाफ 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। याची ने कहा कि वह इस समय संगरूर जेल में बंद है और उसे आशंका है कि अन्य मामलों में पूछताछ के लिए लेकर जाते वक्त उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सभी पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरों से लेकर तथा जांच के दौरान वीडियोग्राफी पर जवाब मांगा था।
यूटी प्रशासन ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि थानों और पुलिस चौकियों के प्रवेश, निकास, लॉकअप, बरामदा, रिसेप्शन, ऑफिसर का कमरा सभी को सीसीटीवी की निगरानी में रखने के लिए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड को दी गई है। इसके लिए 23 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इस कार्य को पूरा करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से हाथ मिलाया है और प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि 22 जून तय की गई है।
पंजाब 17 नवंबर तक पूरा करेगा कार्य
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए बताया कि 153 पुलिस पोस्ट में सीसीटीवी लगाने का काम 2 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही 454 पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी लगाने का काम 17 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।