पंचकूला की दो महिलाएं: अवार्डी श्वेता, समाजसेवी लिली
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पंचकूला स्थित मार्टिंस की एनसीलिरी यूनिट दादा ब्वायज की प्रोपराइटर श्वेता गुलाटी एक इंटरप्रेन्योर हैं। कंपनी की स्थापना के प्रति उनका ध्येय महिला वर्करों को तैयार करना रहा। अपने घर में काम करने वाली एक महिला से मिले इस कांसेप्ट को जब उन्होंने मार्टिंस के चेयरमैन कृष्ण गोपाल गुलाटी को बताया तो श्वेता को मिल गया दादा ब्वायज के माध्यम से अपने सपने को पूरा करने का मौका। श्वेता ने कंपनी में महिला वर्कर की फौज तैयार कर डाली।
यह महिलाएं वोडाफोन, आइडिया, हीरो कार्प जैसे नामी ब्रांड के लिए कारपोरेट फर्नीचर तैयार करती हैं। श्वेता अब करीब दो सौ वर्करों का स्टाफ मैनेज करती हैं। श्वेता गुलाटी की इसी उपलब्धि के लिए अमर उजाला ने उनको हरियाणा एमएसएमई अवार्ड के तहत वूमेन इंटरप्रेन्योर आफ द ईयर का अवार्ड प्रदान किया। श्वेता ने कहा कि उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को रोजगार के लिए स्किल्ड बनाना है।
प्रकृति से खास प्यार : लिली बावा
पहले सेना में फौजियों की पत्नियों के लिए वेलफेयर और समाज सेवा करना और अब समाज की सेवा करना तो कोई पंचकूला की पार्षद लिली बावा से सीखे। उनके सामने बाधाएं कई आईं पर हार कभी नहीं मानीं। आपरेशन पवन के दौरान पति ले. कर्नल इंद्रबल सिंह बावा की शहादत के बाद तो लिली बावा का जीवन ही समाज सेवा को समर्पित हो गया है। अस्पताल में मरीज की सेवा हो या फिर कोई गरीब की मदद करना। लिली बाबा हमेशा तैयार रहती हैं। प्रकृति से उनका खास प्यार है और यही कारण है कि उन्होंने पार्क लिली बावा ने बताया कि समाज सेवा शुरू से उनको पसंद थी।
अभी भी वह फौजियों के वेलफेयर के लिए काफी काम करती हैं। वह वार डेकोरेटेड इंडिया की फाउंडिंग सदस्य और हरियाणा की डायरेक्टर भी हैं। इसके साथ ही वह पंचकूला मैनेजमेंट एसोसिएशन की प्रधान भी हैं। उन्होंने कहा कि उनको सफाई पसंद है और यही कारण है कि पार्कों के प्रति करती हैं। पार्षद बनने के बाद उनका काम काफी बढ़ गया है।