सेक्टर- 12 स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर धीरज सांघी ने बताया कि उनके कॉलेज में इंजीनियरिंग कोर्सेज में 20 प्रतिशत से भी कम लड़कियों की भागीदारी है। दो साल पहले फिर भी ये अनुपात 23 प्रतिशत तक था लेकिन दो साल पहले आईआईटी ने लड़कियों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देना शुरू कर दिया।
इसके साथ ही पिछले साल लड़कियों की इंजीनियरिंग में कम भागीदारी देख एनआईटी ने भी लगभग 17 प्रतिशत लड़कियों के लिए आरक्षण रखा। जिससे वहां लड़कियों का अनुपात थोड़ा ठीक हुआ लेकिन अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में भागीदारी कम ही है। इसका एक बड़ा कारण है कि लड़कियों को 12वीं के बाद जेईई की कोचिंग लड़कों के अनुपात में बहुत कम मिलती है, जिससे वे ज्यादा अच्छे अंक नहीं हासिल कर पातीं। यही अनुपात स्कूल में 12वीं तक अच्छा रहता है, टॉपर्स में लड़कियों का अनुपात लगभग 50 प्रतिशत तक रहता है।
महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उन्हें बराबरी का दर्जा देने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हमेशा प्रयास किए हैं। पंजाब सिविल सेवाएं नियम 2020 की मंजूरी के बाद महिलाओं के लिए सभी सरकारी नौकरियों में इसका लाभ मिलेगा। पंजाब में यह फैसला एतिहासिक है।
- अरुणा चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री, पंजाब
पंजाब सरकार का यह फैसला महिला सशक्तीकरण में सहायक होगा। साथ ही योग्य छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका मिल पाएगा। पंजाब में वैसे भी छात्राओं को रोजगार पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है, ऐसे में यह फैसला राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
- प्रोफेसर दीप्ति गुप्ता, चेयरपर्सन, डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश, पंजाब यूनिवर्सिटी
पंजाब में बेटियों को रोजगार पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार के इस फैसले से पंजाब की खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के अफसर बनने के सपने पूरे हो पाएंगे। पंजाब में ग्रामीण क्षेत्रों को इस फैसले का पूरा लाभ मिल सकेगा।
- रेनूका बी सलवान, डायरेक्टर, पब्लिक रिलेशन, पीयू
महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा यह एक स्वागत योग्य कदम है। महिलाएं एक बेहतर प्रबंधक के रूप में जानी जाती हैं। सरकारी के साथ ही गैर सरकारी क्षेत्रों में भी महिलाएं बेहतर प्रबंधन कर रही हैं।
- जसनूर धवन, लुधियाना, पंजाब
अभी तक देश में महिला सशक्तीकरण को लेकर ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया। पंजाब यह पहला ऐसा राज्य होगा, जिसने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए यह फैसला लिया है। सरकार का कदम स्वागत योग्य है।
- सोनाली, फिरोजपुर, पंजाब