बस में दो सगी बहनों के साथ हुई छेड़खानी के मामले में जांच चल रही है। यदि शिकायत झूठी मिली तो उनको जो सम्मान सरकार देगी, उसे वापस ले लिया जाएगा। फिलहाल वे सम्मान की हकदार हैं और दोनों को रोल मॉडल के रूप में पेश किया जाएगा। यह बात महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने कही। वह बुधवार को थाना खुर्द गांव में जाने से पहले रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि दोनों बहनों ने तीनों लड़कों को छेड़खानी के बाद जिस निडरता से खदेड़ा है वह काबिले तारीफ है। इसके लिए वह सम्मान की हकदार हैं और उन्हें आगे भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए छेड़खानी का मामला एक बड़ा मुद्दा है। इसे जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है।
लड़कियों की बहादुरी की वजह से ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने दोनों बहनों को सराहा है। चालक और परिचालक यदि इस मामले को शांत कराने को लेकर आगे आए होते तो उन्हें निलंबित नहीं किया जाता। वीडियो देखकर साफ लगता है कि लड़कियों के साथ बदतमीजी की गई, जिसके बचाव में दोनों ने बेल्ट से लड़कों की पिटाई की।
लड़कियों को सीखना पड़ेगा मुकाबला करना
सुमन दहिया ने कहा कि उन्होंने स्वयं 15 सालों तक वकालत की है। उन्हें पता है कि लड़कियों के हाथापाई हुई है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर लड़कों ने पीछा छुड़ाने की कोशिश क्यों नहीं की।
मीडिया द्वारा दूसरे वीडियो के सामने आने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस घटना का दूसरा पहलू देखने को मिल रहा है। हालांकि दोनों घटनाओं में छेड़खानी तो हुई है। इसी वजह से हाथापाई हुई है।
इस तरह का मुकाबला करना लड़कियों को सीखना पड़ेगा। उनका कहना है कि जब भी कोई लड़की या महिला आवाज उठाती है तो उसकी आवाज को हमेशा दबाया जाता है। इन पर समझौता करने का दबाव डाला गया है। क्योंकि उन लड़कों की नौकरी और भविष्य का सवाल है। क्योंकि हमारा समाज हमेशा से मानता है कि एक लड़की गलत है और लड़का सही है।
सरकार दोनों लड़कियों के साथ
थाना खुर्द की आरती और पूजा ने आत्मसम्मान बचाने के लिए लड़कों की पिटाई की। इसके लिए वह बधाई की पात्र हैं। अन्य लड़कियों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कही।
बुधवार को कविता जैन आरती और पूजा के थाना खुर्द स्थित आवास पर पहुंचीं और दोनों लड़कियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो मनघड़ंत बातें आ रही हैं वे झूठी हैं। जो वीडियो देखा गया है वह सही है। अगर जरूरत पड़ी तो इसकी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार दोनों लड़कियों के साथ है। कोई नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन बहादुर लड़कियों को 26 जनवरी को सम्मानित करने की घोषणा की है। इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन और लड़की के पिता राजेश कुमार उपस्थित थे।
बस के परिचालक ने जो बताया
बस के परिचालक लाभ सिंह ने बताया कि वह बस में टिकट काटते हुए जब पूजा और आरती के पास पहुंचा तो दोनों ने कहा कि ये लड़के उनसे बदतमीजी कर रहे हैं।
इस पर उन्होंने लड़कों से आराम से खड़े रहने को कहा और लड़कों का मुंह दूसरी तरफ करा दिया। इसके बाद पूजा से कहा कि अगर फिर से कुछ कहें तो उसे बताएं। इसके बाद वे बस के पिछले हिस्से में टिकट काटने चला गया। इसके बाद उन्हें बेल्ट चलती नजर आई।
यह देखकर चालक ने बस एक तरफ खड़ी कर दी। जब वह बस की पिछली खिड़की से उतरा तो लड़के और लड़कियां नीचे उतरी हुई थीं। लड़के वहां से फरार हो गए। इसके बाद लड़कियां बस बैठ गईं और कंसाला चौकी पहुंचने से पहले ही पुलिस पहुंच गई। उन्होंने हमसे कहा कि तुम बस लेकर चले जाओ आगे कार्रवाई हम कर लेंगे।
'हमने कोई गलत काम नहीं किया है'
हम गलत नहीं हैं
कविता जैन के समक्ष आरती ने कहा कि हम गलत नहीं हैं और न ही हमने कोई गलत काम किया है। अगर अपने मान सम्मान को बचाना गलत है तो हम गलत हैं। उन्होंने कहा कि हमारे माता-पिता ने हमें अच्छे संस्कार दिए हैं। आज तक उन्होंने कभी भी कोई गलत कदम नहीं उठाया है।
आरती की बहन पूजा ने कहा कि हमारे ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनके पिता के सिर पर कर्ज है और ये लड़कियां पैसे के लिए ऐसा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी प्रकार का कोई इनाम नहीं चाहिए। हमने जो किया वो सिर्फ अपने मान-सम्मान को बचाने के लिए किया।
दोनों लड़कियों के पिता राजेश का कहना है कि उनकी लड़कियों ने कोई भी गलत कदम नहीं उठाया है। वे जितना भी अपनी बेटियों पर गर्व करें कम है। जिन लोगों ने उनकी लड़कियों के खिलाफ शपथ पत्र दिए हैं वे उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।