चंडीगढ़। शहर की महिलाएं योग के माध्यम से न केवल खुद को फिट और स्वस्थ बना रही हैं, बल्कि इंस्ट्रक्टर के तौर पर दूसरों को भी योग सिखाकर स्वस्थ बना रही हैं। यह एक प्रेरणादायक पहल है जो महिलाओं की प्रतिभा और समर्पण को दर्शाती है।
रूपिंदर योग के जरिए बना रहीं फिट
शहर की योगा इंस्ट्रक्टर रूपिंदर कौर खुद तो योग करती है और इसके साथ ही दूसरों को भी योग से जोड़ने का काम भी कर रही है। पिछले दिनों इन्होंने 5 वीं योगधारा चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। चैंपियनशिप का आयोजन सेक्टर-19 के ब्रह्मर्षि योग कॉलेज में किया गया। यह मेडल इन्होंने महिला 40 प्लस श्रेणी में हासिल किया।
रूपिंदर कौर पिछले 15 वर्षों से योगा से जुड़ी हुई हैै। योग में बीएड, परामर्श एवं सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर, और प्राकृतिक चिकित्सा में डॉक्टरेट (एनडीडीवाई) की उपाधि प्राप्त की है। राज्य योगासन चैंपियनशिप में कोच और जज दोनों के रूप में योगदान दे चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय कोच और राष्ट्रीय जज के रूप में चुना गया है। अक्टूबर 2025 में एमडीएनआईवाई, नई दिल्ली में आयोजित पैरा योगासन चैंपियनशिप में वह राष्ट्रीय जज के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी है।
84 वर्ष की विद्यावती दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा
शहर की रहने वाली 84 वर्ष की विद्यावती इस उम्र में दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। बीएसएनएल से रिटायरमेंट के बाद वह अपनी जिंदगी योग के जरिए बेहतर जी रही है। वह खुद तो फिट रह रही दूसरी महिलाओं को भी योग सिखा रही है। सेक्टर-44 में रहती हैं वहीं पर सुबह ग्राउंड में या फिर पास के मंदिर परिसर में योगा सिखाती हैं। इनके अनुसार योग महिलाओं के लिए शारीरिक और मानसिक पर लाभदायक होता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर मजबूत होता है, लचीलेपन में सुधार होता है और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे तनाव, थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं। इसके साथ ही योग यह आत्मविश्वास बढ़ता है, बेहतर नींद प्रदान करता है और संपूर्ण जीवन शैली को स्वस्थ और संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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