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फर्श पर प्रसव का मामला: सिविल सर्जन के जवाब से DC संतुष्ट नहीं, जांच का दिया आदेश, विपक्ष के निशाने पर सरकार

Fri, 30 Sep 2022 09:39 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)

सार

भाजपा जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री और पंजाब सरकार का पुतला फूंका। भाजपा जिला प्रवक्ता योगेश ठाकुर ने कहा कि गरीब परिवार की महिला अपने परिजनों के साथ डिलीवरी करवाने पहुंची थी लेकिन सिविल अस्पताल के स्टाफ ने दुर्व्यवहार किया और उसे रेफर कर दिया गया।
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पठानकोट के डीसी हरबीर सिंह। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पंजाब के पठानकोट सिविल अस्पताल में भर्ती न करने पर महिला ने बरामदे की फर्श पर बच्चे को जन्म दिया। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सत्ताधारी दल को घेर लिया। अब सिविल सर्जन ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। पठानकोट के डीसी ने भी सहायक आयुक्त के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया है। फिलहाल मामला गर्माता दिखाई दे रहा है। विपक्षी दलों के नेता सत्ताधारी दल को इस मामले में घेरने पर जुटे हैं। वहीं पठानकोट के डीसी हरबीर सिंह सिविल सर्जन के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। 

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इस मामले में भाजपा ने सिविल अस्पताल के बाहर ‘आप’ सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया। वहीं, कांग्रेस ने भी मामले में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इसके अलावा, स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं ने भी डीसी को मांगपत्र सौंप जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। 
 

मैंने सिविल सर्जन से संपर्क किया और विवरण मांगा है लेकिन मैं उत्तरों से संतुष्ट नहीं हूं। अगर कोई महिला अस्पताल में दाखिल हुई है तो उसकी देखभाल की जिम्मेदारी अस्पताल की होती है। मैंने जांच का आदेश दिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हरबीर सिंह, पठानकोट के  डीसी। 

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भाजपा ने सिविल अस्पताल के बाहर फूंका पुतला
भाजपा जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री और पंजाब सरकार का पुतला फूंका। भाजपा जिला प्रवक्ता योगेश ठाकुर ने कहा कि गरीब परिवार की महिला अपने परिजनों के साथ डिलीवरी करवाने पहुंची थी लेकिन सिविल अस्पताल के स्टाफ ने दुर्व्यवहार किया और उसे रेफर कर दिया गया। आर्थिक मजबूरी के चलते वह अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे मगर लापरवाही की पराकाष्ठा यह रही कि गर्भवती को भर्ती तक नहीं किया गया। इसके बाद उसने बरामदे में ही अपने बच्चे को जन्म दिया। 



भाजपा जिला प्रधान विजय शर्मा ने कहा कि पठानकोट विकास मंच ने एसी और नॉन एसी कमरे बनाकर सिविल अस्पताल प्रबंधन को सौंपे हैं लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को भर्ती न करना, अस्पताल प्रबंधन की कार्यक्षमता पर प्रश्न चिन्ह उठाता है। 

कांग्रेस ने भी दागे सवाल
कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं पीपीसीसी कोषाध्यक्ष अमित विज ने कहा कि सिविल अस्पताल की घटना पंजाब सरकार के लिए शर्मनाक है। इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगता है। अमित विज ने कहा कि सिविल अस्पताल में महिला ने जब फर्श पर जन्म दिया तो यह सारा वाकया मौके पर मौजूद डॉक्टर व सेहत कर्मियों ने भी देखा होगा। महिला किस पीड़ा या दुखदायक समय से गुजरी होगी। इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पंजाब की मान सरकार को तुरंत कड़ा एक्शन लेना चाहिए ताकि फिर से इस तरह की घटना घटित न हो। 
 
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