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हरियाणा पुलिस में अब भेदभाव नहीं: राज्य कैडर के हिसाब से मिलेगी पदोन्नति, गृह मंत्री अनिल विज ने दिया आदेश

Fri, 30 Sep 2022 08:58 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पदोन्नति मामलों में करनाल रेंज सबसे पीछे है। वर्ष 2007 में हुई सिपाही भर्ती की बात करें तो करनाल रेंज के जवान आज तक हवलदार ही बन पाए हैं, जबकि 2008 में भर्ती हुए वो जवान जिनको गुरुग्राम और फरीदाबाद रेंज मिला, एएसआई बन चुके हैं।
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फाइल फोटो।
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विस्तार
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हरियाणा पुलिस में अब पदोन्नति के लिए एक स्टेट कैडर बनाया जाएगा। इसके तहत अब पुलिस कर्मचारियों को रेंज के हिसाब के बजाय स्टेट कैडर के हिसाब से ही पदोन्नति मिलेगी। इससे पहले प्रदेश में पदोन्नति पुलिस रेंज में खाली पदों के हिसाब से होती रही है। इसमें गुरुग्राम और फरीदबाद रेंज में पुलिस कर्मचारियों की पदोन्नति जल्दी हो रही है, जबकि करनाल व अंबाला रेंज पिछड़ रहा है।

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स्टेट कैडर बनाने को लेकर गृह मंत्री अनिल विज ने गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद, डीजीपी पीके अग्रवाल, सीआईडी चीफ आलोक मित्तल, एडीजीपी ओपी सिंह, संदीप खिरवार समेत अन्य आला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में विज ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके सामने अंबाला से एक हवलदार पेश हुआ। 

हवलदार ने बताया कि उसके साथ ही भर्ती हुए जवान इंस्पेक्टर बन गए, जबकि वह आज तक हवलदार है। विज ने कहा कि यह गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए। सभी को पदोन्नति का बराबर का हक है। गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि इसके लिए पॉलिसी तैयार की जाए, ताकि रेंज के बजाय स्टेट सीनियरिटी के हिसाब से सभी को समान अवसर मिल सके। 

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2007 बैच के भर्ती हवलदार, 2008 के बन गए एएसआई
पदोन्नति मामलों में करनाल रेंज सबसे पीछे है। वर्ष 2007 में हुई सिपाही भर्ती की बात करें तो करनाल रेंज के जवान आज तक हवलदार ही बन पाए हैं, जबकि 2008 में भर्ती हुए वो जवान जिनको गुरुग्राम और फरीदाबाद रेंज मिला, एएसआई बन चुके हैं। दरअसल, सिपाही के बाद हवलदार बनने के लिए बी वन की परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद हवलदार से एएसआई के लिए इंटर परीक्षा पास करनी होती है लेकिन यह केवल पदोन्नति वैकेंसी के आधार पर होती है। 

डीजी ऑफिस से इन पदों के लिए सीटें अलॉट की जाती हैं, जितनी सीटें मिलती हैं, मात्र उन्हीं को पदोन्नति मिलती है, जबकि उसी बैच के अन्य जवान पीछे रह जाते हैं। इसको लेकर पुलिस कर्मचारियों में भारी रोष रहता है। कई स्तर पर जवान ये मुद्दे उठा चुके हैं लेकिन आज तक पुलिस के आला अधिकारियों ने इन नियमों को बदलने की जहमत नहीं उठाई। 

बड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश
अंबाला में जीटी रोड पर अपनी लेन में नहीं चलने वाले भारी वाहनों के चालान के बाद विज ने पुलिस अधिकारियों को आदेश कि स्टेट और नेशनल हाईवे पर पुलिस यह तय करे कि बड़े वाहन अपनी ही लेन में चले। इसके लिए बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जाए। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। वह खुद भी चेकिंग करेंगे ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
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कबूतरबाजी रोकने को फिर गठित की एसआईटी
प्रदेश में दोबारा से विदेश भेजने के मामलों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए दोबारा से एसआईटी गठित की है। करनाल के आईजी सतेंद्र गुप्ता इसके हेड होंगे। बता दें कि इससे पहले करनाल की पूर्व आईजी भारती अरोड़ा इस एसआईटी की चीफ रहीं और उन्होंने कबूतरबाजी के मामलों में 559 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

आधुनिकीकरण पर जोर दे पुलिस
बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग आधुनिकीकरण पर जोर दे। सभी पुलिस थानों में बुलेट प्रूफ जैकेट, आधुनिक वाहन व अनुसंधान के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही शहरों में बस स्टैंड व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के कार्य में तेजी लाई जाए। गृहमंत्री ने कहा कि जब तक फॉरेंसिक विशेषज्ञों की नियमित भर्ती नहीं होती तब तक साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने के लिए प्राइवेट विशेषज्ञों को पैनल पर लिया जाए।
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