फतेहाबाद के गांव सुखमनपुर स्थित अपने मायके में महिला ने अपने दो बच्चों की गला दबाकर हत्या करने के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत पति द्वारा चरित्र पर शक जताने से तंग आकर महिला ने यह कदम उठाया है।
महिला का बड़ा बेटा ढाई साल जबकि छोटा बेटा मात्र 42 दिन का था। सूचना पाकर डीएसपी सुभाष बिश्नोई, थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सीन ऑफ क्राइम के इंचार्ज जोगिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर जांच के बाद महिला व बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए रतिया अस्पताल भिजवाए गए। पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर पति समेत पांच परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है।
मामले के मुताबिक रतिया के गांव सुखमनपुर निवासी मनीराम की 27 वर्षीय बेटी संजू की शादी करीब चार वर्ष पहले गांव खैरातीखेड़ा निवासी नरेश कुमार के साथ हुई थी। नरेश कुमार हरियाणा पुलिस में कार्यरत है और उसकी ड्यूटी हिसार बताई गई है। संजू कुछ महीने पहले ही डिलिवरी के चलते अपने गांव सुखमनपुर आई थी और उसने बेटे को जन्म दिया था।
शुक्रवार को घर पर कोई नहीं था। परिजन खरीदारी के लिए रतिया शहर गए हुए थे। घर में संजू ने अपने 42 दिन के बेटे व ढाई साल के बेटे की पहले गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजन वापस घर आए और उन्होंने संजू को फंदे पर लटके देखा। फिर पुलिस बुलाकर शव को फंदे से नीचे उतारा गया।
मृतका के पिता मनीराम व अन्य परिजनों से पुलिस ने पूछताछ की। पिता मनीराम व अन्य चचेरे भाइयों ने मीडिया को बताया कि पिछले कुछ दिनों से मृतक संजू की पति नरेश के साथ कुछ अनबन चल रही थी और वह उसके चरित्र पर शक भी जताता था। इसी कारण संजू मानसिक तौर पर परेशान थी। पति नरेश के साथ फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उन्होंने सुनी है, जिसमें वह चरित्र को लेकर शक जता रहा था और उसे तलाक की धमकी दे रहा था।
रतिया थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के पिता मनीराम के बयान पर पुलिस ने संजू के पति नरेश, देवर नरेंद्र, ननद राज बाला, ससुर ओमप्रकाश व सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। - थाना प्रभारी, कुलदीप सिंह, रतिया।