महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ने वाली महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दाहिया ने छेड़छाड़ को आम बात बताया है। उनका कहना है कि छेड़छाड़ करने वालों को न उम्र का कोई लिहाज है और न ही किसी की शर्म।
उन्होंने कहा, हालात ऐसे हैं यदि मैं भी आधा किलोमीटर पैदल निकल जाऊं तो चार लोग कमेंट कर देंगे। यह गलत है, लेकिन कोई इसे जल्दी से अपराध भी मानने को तैयार नहीं है। जब खुद महिला आयोग की उपाध्यक्ष को छेड़छाड़ का डर सताता है तो शहर की बेटियां कैसे सुरक्षित रह सकती हैं।