हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में मुख्यमंत्री खट्टर ने कई बड़े फैसलों को अपनी सहमति दी। राज्य में डॉक्टरों के खाली पद भरने के लिए सरकार ने ग्रुप-क डॉक्टरों के पदों को हरियाणा लोक सेवा आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर निकाल दिया है। अब यह पद स्वास्थ्य विभाग द्वारा भरे जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस समय एचसीएमसी ग्रुप-क डाक्टरों के 500 से अधिक पद खाली हैं, जिन्हें तुरंत भरा जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि हरियाणा लोक सेवा आयोग से डॉक्टरों की भर्ती में बहुत समय लगता है।
उन्होंने कहा कि औसतन मांग से लेकर अंतिम चयन तक लगभग एक वर्ष का समय लगता है। इस दौरान बहुत से डाक्टर जो सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए उपलब्ध हो सकते थे, किसी अन्य स्थानों पर नौकरी ले लेते हैं।
विज्ञापन
विस्थापितों को मिलेगी नौकरी
सरकार ने यमुनानगर के दीनबंधु छोटुराम थर्मल पावर प्लांट के 42 और भूमि विस्थापितों को रोजगार देने का निर्णय लिया है। इससे पहले 59 भूमि विस्थापितों को रोजगार दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा बिजली उत्पादन निगम में 22 भूमि विस्थापितों को रोजगार दिया जाएगा। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में 9, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम में 7 और दक्षिण हरियाणा वितरण निगम में 6 भूमि विस्थापितों को रोजगार दिया जाएगा।
बधिर खिलाड़ियों को भी समान हक हरियाणा में खिलाड़ियों को दी जाने वाली नकद पुरस्कार राशि में अब अक्षम खिलाड़ियों को कम नहीं आंका जाएगा। मंत्रिमंडल ने शनिवार को अपनी खेल नीति में डेफलंपिक्स (जिन्हें पहले बधिरों के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल के नाम से जाना जाता था) को शामिल करने का निर्णय लिया है।
इस फैसले से अब डेफलंपिकस पदक विजेता खिलाड़ी भी नगद पुरस्कार, रोजगार और अन्य लाभ हासिल कर सकेंगे। डेफलंपिक्स अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी की ओर से स्वीकृत प्रतियोगिता है, जिसमें बधिर एथलीट हिस्सा लेते हैं।
आधिकारिक तौर पर इन खेलों को 1924 से 1965 तक बधिरों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के नाम से पुकारा गया, लेकिन कई बार इन्हें अंतरराष्ट्रीय ध्वनिरहित प्रतियोगिताएं भी कहा गया। साल 1966 से 1999 तक इन्हें बधिरों के लिए विश्व प्रतियोगिता कहा गया। साल 2001 से ये प्रतियोगिताएं अपने वर्तमान नाम डेफलंपिक्स के नाम से जानी जाती हैं।
अविवाहित शहीद लेफ्टिनेंट के आश्रित को नौकरी
मंत्रिमंडल की बैठक में शहीद लेफ्टिनेंट सतबीर सिंह निवासी गांव थुआ तहसील अलेवा जिला जींद के आश्रित को सरकारी नौकरी देने का निर्णय भी लिया गया।
लेफ्टिनेंट सतबीर सिंह 18 मार्च, 2009 को मणिपुर में आतंकी हमले के दौरान मारे गए थे। वे अविवाहित थे। शहीद के पिता ने अपने छोटे पुत्र संदीप को अनुकंपा आधार पर नौकरी देने का आग्रह किया था। चूंकि अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्रदान करने की राज्य सरकार की नीति के अनुसार, मृतक के आश्रितों- पति या पत्नी या आश्रित बच्चे को ही नौकरी देने पर विचार किया जाता है।
मंत्रिमंडल ने शहीद लेफ्टिनेंट सतबीर सिंह के मामले को एक विशेष मामला मानते हुए शहीद के छोटे भाई को नौकरी देने के लिए नियमों में ढील दे दी है।
हरियाणा में नौकरी के लिए प्रदेश की जानकारी जरूरी
हरियाणा में अब सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रदेश की सामाजिक, ऐतिहासिक व भूगोलिक जानकारी होना जरूरी होगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती केवल लिखित परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार के आधार पर की जाएगी।
लिखित परीक्षा में 66 अंक सामान्य ज्ञान के और 22 अंक हरियाणा से संबंधित जानकारी के होंगे। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि नए फैसले में नौकरी के लिए साक्षात्कार के अंक, लिखित परीक्षा के कुल अंकों के 12 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे।
परीक्षा दो भागों में होगी, जिसमें 88 प्रतिशत अंक सामान्य ज्ञान के होंगे जबकि 22 प्रतिशत अंक हरियाणा के सामाजिक, आर्थिक, ऐतिहासिक एवं भौगोलिक ज्ञान के लिए दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 22 प्रतिशत अंकों के बारे में लिए गए फैसले के पीछे यह उद्देश्य है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को प्रदेश के बारे में पूरी जानकारी और समझ हो।
टेलीकम्युनिकेशन विंग के ऑपरेटर और टेक्नीशियंस के पदों को छोड़कर सिपाही के तकनीकी पदों का राज्य पुलिस विभाग के सामान्य कार्डर में विलय को मंजूरी। इस फैसले से सिपाहियों के पदोन्नति के मार्ग खुलेंगे।हरियाणा सदाचारी बंदी (अस्थाई रिहाई) संशोधन अधिनियम 2014 की धारा 5 क (2) में संशोधन को मंजूरी।वाईएमसीए से बल्लभगढ़ तक मेट्रो के विस्तार को मंजूरीग्राम पंचायतों की शामलात भूमि को निजी लोगों की भूमि से बदलने के तीन प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।हरियाणा जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियम 2002 में संशोधन को स्वीकृति दी।हरियाणा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तहत जल वैज्ञानिक (ग्रुप-ख) सेवाएं- 2012 के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी।