अंबाला की निशा एजुकेशन सोसायटी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा 25 दिसंबर से लेकर 8 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश रखने के आदेशों को चुनौती दी है। साथ ही याची ने कहा कि आदेशों के अनुसार अवकाश के दौरान स्कूल खोलने वालों पर एफआईआर के आदेश मानमाने हैं और इन्हें रद्द किया जाना चाहिए। याचिका पर हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
याचिका में कहा गया है कि हरियाणा सरकार का आदेश तर्कसंगत नही है। अगर कोई स्कूल खुलेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए,इस तरह का आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए। याचिका के अनुसार सरकार ने पिछले दिनों भी प्रदूषण के चलते एक सप्ताह के लिए स्कूल बंद करने के आदेश दिए थे। राम रहीम केस के दौरान भी स्कूल बंद रहे और अब दो सप्ताह की छुट्टियों के आदेश जारी कर दिए गए। ऐसे में बच्चों का सिलेबस कैसे पूरा होगा।
याची ने कहा कि नियमों के अनुसार 220 दिन का शिक्षण कार्य अनिवार्य है और इन छुट्टियों के कारण यह पूरा नहीं होगा। सीबीएसई की प्रायोगिक परीक्षाएं 15 जनवरी से हैं। ऐसे में अगर स्कूल बंद किए गए तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। इसको ध्यान में रख कर अगर निजी स्कूल पढ़ाना चाहता हैं तो इसमें गलत क्या है।