एक तरफ नगर निगम की निगाहें नवंबर के आखिरी हफ्ते में ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने पर लगी है। दूसरी तरफ तमाम रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों की साझी संस्था सिटिजंस वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फोरम ने भी मोर्चा खोल दिया है।
फोरम ने अब टैक्स को लेकर हर गली-मोहल्ले में जाकर लोगों को लामबंद करने की मुहिम शरू की है। मुहिम की शुरुआत फेज एक से हुई।
वहां इलाके की रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से रैली निकाली गई। लोग पहले खोखा मार्केट के पास इकट्ठा हुए। फिर घर-घर गए और लोगों को टैक्स न जमा कराने को प्रेरित किया।
इस दौरान कई लोग काफिले में जुड़ते गए। फोरम के प्रधान सतवीर धनोआ ने कहा कि अब रोजाना शहर के विभिन्न इलाकों में ऐसी मुहिम चलाई जाएगी।
तीस नवंबर के बाद बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें हजारों लोग टैक्स के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। धनोआ ने लोगों से अपील की कि वे निगम के बहकावे में न आएं।
छूट के लालच में टैक्स न जमा कराएं। क्योंकि एक बार प्रॉपर्टी टैक्स लग गया तो हर साल यह बढ़ता रहेगा और उनका बोझ भी। इसलिए फोरम के संघर्ष में शामिल हों।
उन्होंने कहा कि शहर के लोग पहले ही डेवलपमेंट चार्ज व अन्य टैक्स दे चुके हैं, फिर भी सहूलियतें नहीं मिलीं। अब प्रॉपर्टी टैक्स बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोगों को फेज एक आरडब्ल्यूए के प्रधान पीएस विरदी, एच टाईप वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान रजिंदर कुमार शर्मा, सुरजीत सिंह ने भी संबोधित किया।