एक साल पहले गठित कमेटी ने भी नहीं निकाला समाधान
11 फरवरी को संघर्ष समिति ने जींद में महारैली कर दी आंदोलन की चेतावनी
चंडीगढ़। पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लेकर एक बार फिर कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा ने सरकार को चेताया कि अगर बजट सत्र में ओपीएस की बहाली नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन तेज करेंगे। समिति का कहना है कि सरकार ओपीएस को लेकर गुमराह कर रही है और मामले को लंबा खींच रही है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र धारीवाल ने कहा कि एक साल पहले पंचकूला में ओपीएस बहाली की मांग को लेकर पहुंचे कर्मचारियों पर वाॅटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस चलाने के बाद हुई मुख्यमंत्री से बैठक में ओपीएस मुद्दों को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की ओर से एक साल से ज्यादा समय बाद भी कोई समाधान नहीं किया गया। ओपीएस मुद्दे पर गठित हाई प्रोफाइल कमेटी की ओर से संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल से तीन मार्च को केवल एक बैठक की गई, जहां संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल की ओर से अपनी सभी आंकड़े पेश किए गए और कमेटी की ओर से जल्द मीटिंग कर रिपोर्ट तैयार करने और ओपीएस मुद्दे का समाधान करने के दावे के बावजूद आज तक इसपर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
धारीवाल ने कहा कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश में आंदोलन को धरातल पर मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए गांव स्तर पर संघर्ष समिति की कमेटियों का गठन किया जा रहा है। 5200 से अधिक गांव में कमेटियों का गठन हो चुका है, जो ओपीएस बहाल ना होने पर जन-जन तक आंदोलन को लेकर जाएंगी और वोट फोर ओपीएस मुहिम को धरातल पर लागू करने का काम करेंगी।