राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार पूरी रणनीति से जुट गई है।
इसी कड़ी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स की तर्ज पर मोहाली में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स स्थापित किया जाएगा। इस पर सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी। स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट की दो अन्य शाखाएं लुधियाना और बठिंडा में खोली जाएंगी।
यह जानकारी मंगलवार को फेज-9 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में स्थापित किए गए पंजाब ओलंपिक भवन का उद्घाटन करने आए डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने दी।
उन्होंने बताया इस इंस्टीट्यूट में खिलाड़ियोें को 12 महीने ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के लिए जहां बढ़िया कोच एवं ट्रेनर नियुक्त किए जाएंगे। वहीं, पूर्व ओलंपियन खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा ट्रेनिंग संबंधी उपकरण एवं सॉफ्टवेयर विदेशों से मंगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि खेलों में राज्य का नाम नेशनल एवं इंटरनेशनल स्तर पर चमकाने वाले 100 खिलाड़ियों को हर साल ए ग्रेड की सरकारी नौकरियां दी जाएंगीं। इन खिलाड़ियों को पुलिस, पीसीएस एवं एक्साइज विभाग में नौकरियां मिलेंगीं।
बादल ने कहा कि राज्य को खेलों में अग्रणी बनाने के लिए उन्होंने तीन सालों में राज्य के हर जिले में स्पोर्ट्स स्कूल खोलने का फैसला लिया है। मुक्तसर में स्कूल स्थापित कर दिया गया है, जो कि बड़ी अच्छी तरह चल रहा है।
142 करोड़ का रखा है बजट
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने बताया कि वह खुद खेलमंत्री हैं। इसी के चलते उन्होंने साल 2013-14 में खेल बजट 142 करोड़ रखा है।
उन्होंने बताया कि 200 करोड़ रुपये की लागत से 13 इंटरनेशनल लेवल के स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही छह अत्याधुनिक हॉकी स्टेडियम भी स्थापित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में पंजाब ओलंपिक एसोएिशन के प्रेसिडेंट सुखदेव सिंह ढींढसा, राजस्वमंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया, वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा समेत कई खिलाड़ी और ओलंपियन मौजूद थे।