आखिर वही हुआ, जिसका अनुमान पहले से था। बाबा रामदेव ने हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री का दर्जा लेने से इंकार कर दिया। इसके पीछे बाबा भले ही तर्क दे रहे हों कि वे फकीर हैं, उन्हें बाबा ही रहनें दे।
लेकिन इसके पीछे अंदर की बात कुछ और ही बातों की ओर इशारा कर रही है। हरियाणा सरकार ने जबसे योग गुरु बाबा रामदेव को ब्रांड अंबेसडर के साथ कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की बात कही थी, तभी से उसपर काम भी शुरू हो गया था।
सरकार की तैयारियों के मुताबिक आज सोनीपत में ही रामदेव को कैबिनेट रैंक का तोहफा दिया जाना तय था, लेकिन अफसरों की ओर से कैबिनेट रैंक के नोटिफिकेशन को फाइनल तक नहीं किया गया। रामदेव को कैबिनेट रैंक की सुविधाएं किस तरह से दी जानी हैं इसका ड्रॉफ्ट भी तैयार नहीं हुआ।