चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के मंसूबे पर उनके ही ‘विभीषण’ ने पानी फेर दिया। अब आप अपने विभीषण को ढूंढ रही है। आठ जनवरी को मेयर चुनाव में ही उनके एक पार्षद ने क्रास वोट कर दिया। मेयर चुनाव में इसकी भनक नहीं लगी। लेकिन, जब सीनियर डिप्टी मेयर पद का चुनाव हुआ तो भाजपा के पक्ष में 15 और आप के पक्ष में 13 मत पड़े। जबकि, दोनों पार्टियों के पास 14-14 मत थे। इस घटना से आप नेताओं को बड़ा झटका लगा। क्योंकि मेयर का चुनाव आप के लिए बहुत खास था। उन्होंने इसकी जानकारी हाईकमान को दे दी है।
आम आदमी पार्टी ने इस जीत को पंजाब चुनाव में भुनाना था, लेकिन आपने ही किसी एक पार्षद ने पार्टी के सपने पर पानी फेर दिया। डिप्टी मेयर चुनाव में आप और भाजपा को बराबर 14-14 मत पड़े। लेकिन, ड्रा में भाजपा के अनूप गुप्ता ने बाजी मारी। निगम चुनाव के बाद आप सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उम्मीद थी कि मेयर पार्टी का ही बनेगा। लेकिन, धीरे-धीरे संभावनाएं कम होती र्गइं। पार्षदों को बचाने के लिए सभी पार्टियां अलग-अलग जगह गईं। आप भी अपने पार्षदों को लेकर दिल्ली और हिमाचल गई, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
आप का अगले साल तक क्या होगा
निगम चुनाव में आप की इच्छा पूरी नहीं हो पाई। क्योंकि 12 सीटों पर जीत हासिल करन ेवाली भाजपा ने अपना मेयर बनाया, लेकिन 14 सीट जीतने वाली आप मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद में से कोई भी जीत नहीं पाई। मेयर पद के दौरान काफी विवाद हआ। मेयर सरबजीत कौर बनीं। उनकी जीत की घोषणा के बाद आप ने सदन में हंगामा किया।
क्या कहते हैं संयोजक
पता लगा रहे हैं कि किसने क्रास वोट किया है। पता चलने के बाद ही कार्रवाई होगी। इसकी जानकारी पार्टी हाईकमान को दे दी गई है। एक दो दिन में चेहरा बेनकाब हो जाएगा।
प्रेम गर्ग, संयोजक आम आदमी पार्टी चंडीगढ़।