लॉरेंस बिश्नोई का सबसे खास साथी गोल्डी बराड़ फिर चर्चा में है। इस बार वजह अलग है। गोल्डी बराड़ अब गैंगस्टर नहीं रहा। उसको नई पहचान मिल गई है। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार यानी एक जनवरी को उसे आतंकी घोषित कर दिया है। आइये जानते हैं कनाडा में छिपे गोल्डी बराड़ के बारे में...
गोल्डी बराड़ का चचेरा भाई गुरलाल बराड़ लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी था। गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अब नई जंग की शुरुआत है, सड़कों पर खून नहीं सूखेगा। इसके बाद से सड़कों पर खून बहने का सिलसिला जारी है।
इस बीच गोल्डी बराड़ स्टडी वीजा पर कनाडा पढ़ाई करने जा चुका था। मगर गुरलाल की हत्या के बाद वह जरायम की दुनिया में कूद पड़ा। कनाडा से ही गोल्डी ने हत्याओं की साजिश रचनी शुरू की और कई वारदातों को अपने गुर्गों से अंजाम दिलवाया। इन्हीं में एक वारदात थी गुरलाल सिंह की हत्या। 18 फरवरी 2021 को पंजाब के फरीदकोट में जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गुरलाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोल्डी बराड़ ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने की खातिर ही यूथ कांग्रेस नेता को मरवाया था।
29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली थी। गोल्डी ने हत्या की वजह भी बताई थी। गोल्डी के मुताबिक मोहाली में मिड्डूखेड़ा की हत्या में शामिल लोगों को मूसेवाला के मैनेजर ने आश्रय दिया था। बाद में मूसेवाला ने अपने मैनेजर की मदद की। इसी रंजिश में लॉरेंस गैंग ने मूसेवाला की हत्या की। पंजाब के मुक्तसर जिले के मलौट में रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धू की हत्या में भी गोल्डी बराड़ शामिल था। हत्याओं से शुरु हुआ अपराध का यह सिलसिला अभी तक जारी है।