व्हाइट फंगस संक्रमण के दो केस मिले हैं। दोनों महिलाएं जिले की रहने वाली हैं और उनका आइसोलेशन वार्ड में उपचार चल रहा है। बुधवार को सैंपल लिए थे और गुरुवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। - डॉ. विमल जैन, ईएनटी विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार।
ब्लैक फंगस के बढ़ रहे मामले
वहीं, राज्य में ब्लैक फंगस के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को हिसार मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 16 नए मामले मिले हैं। चिकित्सकों ने छह मरीजों का ऑपरेशन किया है। भिवानी में भी एक नया केस मिला। सोनीपत नागरिक अस्पताल में एक मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
वहीं कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश दुरेजा ने बताया कि करनाल जिले में भी ब्लैक फंगस के तीन नए मामले सामने आए। इनमें एक महिला है, जो दिल्ली की बताई जा रही है। अभी तक जिले में ब्लैक फंगस के 10 मामले आ चुके हैं और दो महिलाओं की मौत हो चुकी है।
व्हाइट फंगस की समस्या उस समय विकट हो जाती है जब उपचार के अभाव में यह रक्त में मिल जाती है। व्हाइट फंगस आमतौर पर मुंह में होता है। यह समस्या उन्हीं मरीजों को होती है, जिन्हें बिना वजह अधिक एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड दिया जाता है। मुंह की सफाई न रखने वाले, ओरल हाइजीन के प्रति लापरवाह लोगों और अनियंत्रित शुगर के मरीज में मिलती है। - डॉ. ध्रुव चौधरी, प्रदेश कोविड-19 नोडल अधिकारी व पीसीसीएम विभागाध्यक्ष पीजीआईएमएस।