मौसम की मार से बर्बाद हो रही गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
खेत में बिछी गेहूं की फसल।
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तीन जिलों में ओलावृष्टि
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में शुक्रवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। भिवानी में शुक्रवार दोपहर बाद भिवानी, लोहारू, ढिगावामंडी, कैरू, चांग के आसपास इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इसके अलावा महेंद्रगढ़ और बहादुरगढ़ में ओले गिरे हैं। इससे गेहूं की फसल को काफी नुकसान की आशंका है। इसके साथ ही 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
फसल खरीद एक सप्ताह के लिए प्रभावित
सरकार के अनुसार प्रदेश की सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं व सरसों की फसल की खरीदने की तैयारी पूरी है लेकिन अब मौसम खराब होने के चलते फसलों में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे करीब एक सप्ताह तक खरीद प्रभावित होने की संभावना है।
खेतों में एक से डेढ़ फीट भरा पानी
बारिश और तेज हवा चलने से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। जो फसल गिर गई है, अब वह दोबारा नहीं उठ पाएगी। अगर खेतों में पानी जमा रहा तो गेहूं का दाना खराब हो सकता है। सोनीपत, जींद, झज्जर के खेतों में एक से डेढ़ फीट तक जलभराव की स्थिति है। अब गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका है। पहले ही गेहूं की फसल जमीन पर बिछी हुई है।
करनाल में दीवार गिरने से एक की मौत
बारिश और तेज हवा के कारण शुक्रवार रात करनाल के सांभली गांव में एक मकान की दीवार ढह गई। इसके नीचे दबने से 51 वर्षीय भीम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। शुक्रवार को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस बार भी फसलों का जो नुकसान हुआ है, हम किसान को नुकसान बर्दाश्त नहीं करने देंगे, उनको मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने ई -फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल भी बनाया है, जिस पर 72 घंटे के अंदर किसान अपनी खराब फसल के बारे में जानकारी देते हैं। सारी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है और मई माह तक सभी किसानों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। कांग्रेस के 10 साल के कार्यकाल में किसानों को लगभग 1200 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला, जबकि हमने वर्ष 2015 में ही 1200 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। मनोहर लाल, मुख्यमंत्री।