आग को शहर में घुसने से रोकने के लिए दमकलकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हवाएं करीब 35 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलीं, जिसके कारण आग रुकने की बजाए आगे से आगे बढ़ती रही और एक के बाद एक खेतों को चपेट में लेती रही। किसानों का दावा है कि उन्हें करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
एसडीएम ने गिरदावरी के आदेश दिए हैं। उधर, करनाल के निसिंग क्षेत्र में खेत में लगी आग गांवों तक पहुंच गई। आग पर काबू पाते समय हैरो की चपेट में आने से पांच किसान घायल हो गए। हिसार के नारनौंद क्षेत्र के चार गांवों में गेहूं की 40 एकड़ फसल जल गई। उधर, सोनीपत के तीन गांवों में आग से 105 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। वहीं 300 एकड़ से अधिक में फांस भी जलकर राख हो गए।
झज्जर जिले के बेरी में शॉर्ट-सर्किट के कारण गेहूं की 13 एकड़ फसल में आग लग गई। फतेहाबाद के टोहाना के गांव गाजूवाला में आग से करीब 100 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका। इसी तरह रोहतक जिले में सांपला के तीन गांवों में गेहूं की 250 एकड़ फसल जल गई।
चरखी दादरी के आधा दर्जन गांवों में खेतों में आग लगने से करीब 150 एकड़ की गेहूं फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा ऐलनाबाद समेत कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुईं, जिनसे फसलों को नुकसान पहुंचा है।