डॉ. कूका ने बताया कि करतार कौर 24 फरवरी की रात करीब 9 बजे एसपीएस अस्पताल पहुंची थीं। उस समय उनकी हार्ट बीट 20-22 प्रति मिनट थी। वे बेहोश थीं। उनकी हार्ट बीट बढ़ाने और ब्लड प्रेशर को ऊपर उठाने के लिए पहले एक टेंपरेरी पेसमेकर लगाया गया।
इसे लगाते ही उनकी हार्ट बीट बढ़ने लगी। इसके बाद 28 फरवरी को अस्पताल की अल्ट्रा मॉडर्न कैथ लैब में एनेस्थीसिया टीम और ट्रेंड स्टाफ की मदद से परमानेंट पेसमेकर इंप्लांट किया गया। उसके बाद उनकी हालत में काफी सुधार आया।
डॉ. कूका ने बताया कि करतार कौर के दो बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी की उम्र 88 साल है और वे बतौर सरकारी कर्मचारी 1989 में रिटायर हुई थीं। करतार कौर से दो साल छोटे हरनाम सिंह ब्रिटिश आर्मी में थे। 1945 में जब वे रिटायर हुए थे तो उनकी उम्र 42 साल थी।
इस हिसाब से हरनाम सिंह की उम्र वर्तमान समय में 116 साल बनती है और करतार कौर की उम्र 118 साल बनती है। इससे उन्होंने दुनिया की सबसे लंबी उम्र की जीवित महिला होने का रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
दूसरी तरफ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 107 साल की उम्र के मरीज को पेसमेकर इंप्लांट करने का रिकॉर्ड दर्ज है। लेकिन डॉ. कूका ने 118 साल की उम्र की करतार कौर के हार्ट में पेसमेकर इंप्लांट करके यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है। डॉ. कूका ने यह रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए अप्लाई कर दिया है।