बठिंडा में रविवार शाम साढे चार बजे के करीब तेज आंधी के साथ शुरू हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जिले के किसान गेहूं की फसल बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे हैं। जिले की अधिकतर मंडियों में शेड न होने कारण किसानों को अपनी फसल खुले आसमान तले रखकर बेचनी पड़ रही है।
भारतीय किसान यूनियन उगराहा के नेता शिंगारा सिंह मान ने कहा कि मौजूदा समय में गेहूं की फसल मंडियों में लेकर आए किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि जिले की अधिकतर मंडियों में किसानों की फसल को रखने के लिए शेड ना होने कारण खुले आसमान तले पड़ी गेहूं की फसल बेमौसम बारिश से भीग जाती है।
इससे नुकसान किसान का ही होता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मंडी में गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों की फसल को बेमौसम की बारिश से बचाने के लिए शेड के नीचे ही फसल को रखवाया जाए। इसके अलावा जिन किसानों की फसल बारिश से खराब हो, उनको सरकार तुरंत मुआवजा राशि जारी करें।
वहीं मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदरपाल सिंह ने बताया कि अगले तीन दिनों तक और बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि रविवार को न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुक्तसर: आंधी के साथ बारिश, दिन में रात का नजारा
मुक्तसर में रविवार की शाम करीब पांच बजे आई जोरदार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से अनेक जगह खेतों में पककर तैयार फसल गिर गई। वहीं अनाज मंडी में खुले में पड़ी गेहूं की बोरियां भी भीग गईं। हालांकि जो बोरियां भीग गईं, उसमें से ज्यादातर बिक चुकी हैं। धीमी लिफ्टिंग के अभाव में उठाई नहीं जा सकी थी। ऐसे में नुकसान आढ़तियों को होगा।
वहीं खेतों में पककर तैयार फसल गिरने से किसान चिंतित हैं। शाम पांच बजे के आस-पास अचानक ही काली घटाएं छा गईं। दिन में ही रात जैसा नजारा नजर आने लगा। कुछ ही देर में जोरदार आंधी चल पड़ी। आंधी इतनी तेज थी कि कई लोगों के घरों के शेड तक हवा में उड़कर पड़ोस के घरों में जा गिरे। वहीं कई लोगों की डिश की छतरियां तक गिर गईं। आंधी के बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटा आंधी व बारिश से कई निचले क्षेत्र जलमग्न भी हो गए।