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बारिश के साथ हरियाणा में सावन की होगी दस्तक, सूखे की मार झेल रहे जिलों को मिलेगी राहत

Wed, 17 Jul 2019 12:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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फाइल फोटो
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उत्तरी हरियाणा की धरती को तर करने के बाद अब मानसून प्रदेश के शेष हिस्से को अगले दो दिनों में सराबोर करेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार और गुरुवार को दक्षिण-दक्षिण पूर्व और पश्चिम-पश्चिम पूर्व हरियाणा में अच्छी बारिश के आसार हैं।

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 19 जुलाई से मानसून कुछ दिनों के लिए ब्रेक लेगा। यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। दूसरी उत्तरी हरियाणा के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनने से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन में पंचकूला, कैथल को छोड़कर अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र और चंडीगढ़ में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। 

बारिश के चलते दिन का तापमान सामान्य से नौ डिग्री तक गिर गया है। अगले दो दिनों में सूखे से जूझ रहे प्रदेश के 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इससे बाजरे की बिजाई में तेजी आएगी। कम बारिश और गर्मी से वजह से झुलसी सब्जियों की फसल को फायदा होगा। 
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धान के रोपाई में भी तेजी आएगी। कपास की फसल को भी लाभ होगा। हरे चारे की फसल को भी फायदा पहुंचा है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई तक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश की संभावना बनी रहेगी। 

मानसून सीजन में कहां कितनी बारिश (मिमी)
                      बारिश            अधिक                         
अंबाला -            267.6         4 प्रतिशत
यमुनानगर-       269.1        11
करनाल-           198.7        10 
कुरुक्षेत्र -         194.3          17
चंडीगढ़-         298.1           6

बाढ़ से कटा आधा दर्जन गांवों का संपर्क 
कुरुक्षेत्र में गत तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण ज्योतिसर एसवाईएल नहर में जलस्तर बढ़ने के बाद आधी अधूरी तैयारियों के बावजूद ड्रेन में पानी छोड़ा गया, जिसके कारण ज्योतिसर सहित आधा दर्जन गांवों का यातायात संपर्क टूट गया।

वहीं ड्रेन का बांध टूटने से पानी खेतों में घुस गया, जिससे गांव ज्योतिसर, देबखेड़ी, मुंडाखेड़ा, नींदबड़ी व गढ़ी में 200 एकड़ फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। इधर, पिहोवा में सारसा माइनर टूटने से करीब 100 एकड़ फसल डूब गई। बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क भी प्रभावित है। वहीं फतेहाबाद के रतिया में दो मकानों की छत गिर गई। 
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कठवा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी

 शाहाबाद में मूसलाधार बारिश के बाद मारकंडा नदी उफान पर है। पिछले दो दिनों से नदी में करीब 11 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। पानी बहाव पर नियंत्रण न होने से मंगलवार को नदी का पानी गांव कठवा में घुस गया है, जिससे चारों ओर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
 
10 फुट से बढ़कर 21.2 फुट पहुंचा घग्गर में जलस्तर
गुहला-चीका में भारी बारिश के कारण हरियाणा-पंजाब की सीमा से होकर गुजर रही घग्गर नदी में एक ही दिन में जलस्तर 10 फुट से बढ़कर 21.2 फुट पहुंच गया है। अगर जलस्तर 23 फुट तक पहुंच जाता है तो यह खतरे के निशान पर पहुंच जाएगा। 

देर रात तक यदि पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक बारिश होती है तो यह खतरे के निशान को पार कर सकता है। जिस कारण लोगों में दहशत है। मंगलवार को ही करीब आधा दर्जन गांवों के खेतों में घग्गर का पानी पहुंच गया है। वहीं सिहाली व मोहनपुर गांव का सड़क संपर्क कट गया है। 
  
अच्छी बारिश के साथ धान की रोपाई तेज

कैथल जिले में मानसून सीजन में पहली बार तेज बारिश हुई। लगभग 35 एमएम पानी होने से धान की फसल की रोपाई तेज हो गई। उधर, सोनीपत में अच्छी बारिश धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है।
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