मानसून सीजन में कहां कितनी बारिश (मिमी)
बारिश अधिक
अंबाला - 267.6 4 प्रतिशत
यमुनानगर- 269.1 11
करनाल- 198.7 10
कुरुक्षेत्र - 194.3 17
चंडीगढ़- 298.1 6
बाढ़ से कटा आधा दर्जन गांवों का संपर्क
कुरुक्षेत्र में गत तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण ज्योतिसर एसवाईएल नहर में जलस्तर बढ़ने के बाद आधी अधूरी तैयारियों के बावजूद ड्रेन में पानी छोड़ा गया, जिसके कारण ज्योतिसर सहित आधा दर्जन गांवों का यातायात संपर्क टूट गया।
वहीं ड्रेन का बांध टूटने से पानी खेतों में घुस गया, जिससे गांव ज्योतिसर, देबखेड़ी, मुंडाखेड़ा, नींदबड़ी व गढ़ी में 200 एकड़ फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। इधर, पिहोवा में सारसा माइनर टूटने से करीब 100 एकड़ फसल डूब गई। बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क भी प्रभावित है। वहीं फतेहाबाद के रतिया में दो मकानों की छत गिर गई।
शाहाबाद में मूसलाधार बारिश के बाद मारकंडा नदी उफान पर है। पिछले दो दिनों से नदी में करीब 11 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। पानी बहाव पर नियंत्रण न होने से मंगलवार को नदी का पानी गांव कठवा में घुस गया है, जिससे चारों ओर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
10 फुट से बढ़कर 21.2 फुट पहुंचा घग्गर में जलस्तर
गुहला-चीका में भारी बारिश के कारण हरियाणा-पंजाब की सीमा से होकर गुजर रही घग्गर नदी में एक ही दिन में जलस्तर 10 फुट से बढ़कर 21.2 फुट पहुंच गया है। अगर जलस्तर 23 फुट तक पहुंच जाता है तो यह खतरे के निशान पर पहुंच जाएगा।
देर रात तक यदि पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक बारिश होती है तो यह खतरे के निशान को पार कर सकता है। जिस कारण लोगों में दहशत है। मंगलवार को ही करीब आधा दर्जन गांवों के खेतों में घग्गर का पानी पहुंच गया है। वहीं सिहाली व मोहनपुर गांव का सड़क संपर्क कट गया है।
अच्छी बारिश के साथ धान की रोपाई तेज
कैथल जिले में मानसून सीजन में पहली बार तेज बारिश हुई। लगभग 35 एमएम पानी होने से धान की फसल की रोपाई तेज हो गई। उधर, सोनीपत में अच्छी बारिश धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है।