हरियाणा में सुस्त पड़े मानसून की रफ्तार रविवार से तेज हो सकती है। खासकर प्रदेश के उत्तरी इलाकों में बारिश का सिलसिला 15 अगस्त तक जारी रहने के आसार हैं। दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के कमजोर पड़ने से सीजन के 71 दिनों में प्रदेश में सबसे कम 31 प्रतिशत बारिश पंचकूला में हुई है। इस दौरान रोहतक में भी सिर्फ 34 प्रतिशत बारिश हुई है।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन में 10 अगस्त तक हरियाणा में सिर्फ 176.4 एमएम बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में 259.9 एमएम बारिश होनी चाहिए। यानी प्रदेश अब भी 32 प्रतिशत कम बारिश से जूझ रहा है। इस दौरान 553.8 एमएम बारिश पाने वाला पंचकूला अभी तक प्यासा है। सीजन में वहां सिर्फ 172.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
इसी तरह 10 अगस्त तक 298.8 एमएम बारिश पाने वाले रोहतक को मानसून सिर्फ 103.0 एमएम बारिश दे पाया है। सीजन में प्रदेश के सिर्फ करनाल, कुरुक्षेत्र, सिरसा और यमुनानगर जिले में ही सामान्य बारिश हो पाई है। हरियाणा के 15 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
शनिवार को भी सुबह से आसमान में बादलों ने डेरा डाले रखा। रोहतक समेत कुछ जगहों पर फुहारें भी पड़ीं। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से सटे इलाकों में 11 से 15 अगस्त तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश के आसार हैं। इस दौरान बादलवाही के चलते मौसम सुहावना बना रहेगा।
येलो अलर्ट : 15 तक इन इलाकों में बारिश के आसार
कैथल, करनाल, चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र