आमतौर पर लू चलने की संभावना अप्रैल-मई में बनती है, लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिला। बीते इन महीनों में कई सारे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आए, जिससे तापमान बढ़ नहीं पाया। यह स्थिति लगातार दूसरे साल बनी। इस जून में दूसरी बार लू दर्ज की गई है। इससे पहले 7-8 जून को भी यही स्थिति बनी थी। उस दौरान भी शहरवासियों को लू से जूझना पड़ा था।
सात जुलाई के बाद सक्रिय होगा मानसून
शहरवासियों को दो जुलाई से गर्मी और लू से राहत मिल जाएगी, लेकिन मानसूनी बारिश के लिए सात जुलाई तक इंतजार करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक इसके बाद मौसमी सिस्टम बनना शुरू होंगे, जो मानसून को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। चंडीगढ़ के कई हिस्सों में मानसून समय से 13 दिन पहले आ गया था। उसके दो दिन बाद से मानसून कमजोर हो गया है।
दो जुलाई से मौसम में परिवर्तन आने की संभावना है। बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। -शिवेंद्र सिंह, मौसम वैज्ञानिक, चंडीगढ़ मौसम विभाग