उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर की पूर्व जुवेनाइल जज गायत्री शर्मा ने बताया कि वह अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (यूपी 21बीटी 3113) से बुधवार को नोएडा से मनाली घूमने जा रही थीं। कार में ड्राइवर, पांच महीने की बच्ची समेत पांच लोग सवार थे। वह, उनकी बहू और पोती पिछली सीट पर जबकि बेटा शरद अगली सीट पर बैठा था। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे जब उनकी कार खरड़ बस अड्डा फ्लाईओवर के पास पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और कागजात दिखाने को कहा।
कागजात लेकर जब शरद और ड्राइवर उतरे तो पुलिस वाले उन्हें बीटबॉक्स तक ले गए। इस बीच रौब झाड़ते हुए कहा कि मास्क क्यों नहीं लगाया, जबकि सबने मास्क लगा रखा था। कार के कागजात भी पूरे थे। इसके बावजूद पुलिस ने बिना मास्क का उन दोनों का एक-एक हजार रुपये का चालान काटने का डर दिखाया। विरोध किया तो चार लोगों का चार हजार रुपये का चालान काटने पर उतारू हो गए। आरोप है कि इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने कहा कि अगर 500 दोगे तो तुम्हें जाने देंगे, वरना चार हजार का चालान कटेगा। इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों को 500 रुपये दे दिए। इसके बाद पुलिस वाले ने उनकी हथेली पर पेन से 30 लिख दिया और बोला कि अब पूरे पंजाब में कहीं भी जाओ, चालान नहीं कटेगा। अगर किसी भी नाके पर कोई रोकता है, तो पेन से लिखे इस नंबर को दिखा देना।
हैरत की बात है कि एक तरफ पुलिस वाहन चालकों को यातायात अवहेलना का पाठ पढ़ाकर नियमों की पालना कराना सिखाती है। दूसरी तरफ पुलिस, नियम न तोड़ने वाले चालकों को परेशान कर पैसा वसूल रही है। यह तो सिर्फ वो मामला है, जिनका खुलासा हो जाता है, जबकि ऐसे कई मामले हैं, जिनमें लोग शिकायत ही नहीं करते। वहीं, यह बड़ा खुलासा है कि लूट का यह खेल कोड नंबर से पूरे पंजाब में चल रहा है।
पहले भी हो चुके हैं पुलिसकर्मी निलंबित
बता दें कि बीते वर्ष खरड़ के सनी एनक्लेव के पास एक ऐसा ही मामला सामने आया था। पुलिस कर्मी पर पैसा लेने का आरोप था। इसके बाद डीएसपी ने इसकी जांच कर तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया था।
पैसा लेने का ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर किसी पुलिसकर्मी ने पैसा लिया है तो इसकी जांच करवाएंगे और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -गुरबीर सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज, खरड़