चंडीगढ़। अचानक तापमान में आई गिरावट से सेहत प्रभावित होने लगी है। गर्मी का एहसास दूर करने वाली ठंडी हवाओं ने सांस के मरीजों के साथ बुजुर्गों और बच्चों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि मौसम के इस बदलाव ने अस्पतालों की ओपीडी में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। फिजीशियन के यहां सबसे ज्यादा भीड़ नजर आ रही है। जीएमएसएच 16 से लेकर सिविल अस्पतालों में बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ संबंधी मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा आ रही है। ऐसे में विशेषज्ञ परामर्श के साथ ही मरीजों को बचाव के उपाय भी बता रहे हैं। वहीं आहार विशेषज्ञ खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ख्याल
भारतीय बाल अकादमी की सदस्य बालरोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि छोटे बच्चों को पूरी तरह कवर करके रखें, सुबह और शाम को विशेष ध्यान दें। उस वक्त पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं। बरसात में वे न भीगें, इसका भी ध्यान रखें। तरल पदार्थ ज्यादा दें, फलों की जूस की जगह सूप दें। गुनगुना पानी पिलाएं। वहीं जीएमएसएच 16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि ठंड बढ़ने पर बुजुर्गों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में घर के सदस्यों को ध्यान रखना होगा कि वे ठंड के संपर्क में न आए। उन्हें खाने-पीने के लिए ठंडी चीजें न दें। बाहर निकलते समय गर्म कपड़े जरूर पहनें।
आहार पर हो विशेष ध्यान
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। जीएमएसएच-16 की आहार विशेषज्ञ मनीषा अरोड़ा ने बताया कि नारियल का पानी, छाछ, दही आदि का तासीर ठंडी होती है जिन्हें सांस संबंधी परेशानी हो वे इसका सेवन न करें। ये चीजें गला खराब कर सकती है, वहीं जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें कई सारी मौसमी बीमारियों का खतरा हो सकता है इसलिए आहार में पोषक तत्वों का ज्यादा मात्रा में समावेश करें। सूप लें, ठंडे पानी के सेवन से परहेज करें, गुनगुना पानी पिएं। उनके भोजन में ऐसी चीजें शामिल करें जिससे उनके शरीर को अंदर से गर्मी मिल सके और शरीर में पानी की कमी न हो। उन्हें सब्जियों का गर्म सूप देना चाहिए। इसके अलावा भोजन में सोंठ, अदरक, काली मिर्च आदि को भी शामिल करें ताकि शरीर को जरूरी गर्माहट मिलती रहे। ठंडे पानी की बजाय गुनगुने पानी से नहाए।