‘हम बेकसूर हैं और हमें केस में बलि का बकरा बनाया गया है।’ यह कहना है वर्णिका छेड़छाड़ प्रकरण के दोनों आरोपियों विकास बराला और आशीष का। बचाव पक्ष के वकील सूर्य प्रकाश गर्ग ने कहा कि अदालत में विकास की उनसे चंद सेकंड्स की बात हुई थी। विकास ने उन्हें बताया कि उसने कुछ नहीं किया है। उसने किसी कार का पीछा नहीं किया। उसे केस में झूठा फंसाया गया है।
पुलिस ने उसे बलि का बकरा बनाया है। वहीं एडवोकेट के अनुसार विकास के परिवार का कहना है कि पुलिस केस में निष्पक्ष जांच करे और सच सबके सामने आए। वह कानूनी प्रक्रिया का पूरा पालन करेंगे। वहीं उन्होंने दोनों की जमानत याचिका को लेकर कहा कि, अभी उनके परिवार की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
इससे पहले शनिवार को विकास और आशीष को दो दिन का रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट गौरव दत्ता की कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया। इससे पहले दोनों को शनिवार को भी पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट लाया गया।
दोपहर में विकास और आशीष को अदालत में पेश करने से पहले पुलिस ने जिला अदालत परिसर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में ले लिया था। सुरक्षा व्यवस्था में डीएसपी साउथ दीपक यादव पांच इंस्पेक्टरों, आधा दर्जन सब इंस्पेक्टरों और सौ के करीब पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहे। वहीं डीएसपी ईस्ट दोनों आरोपियों को सेक्टर-26 पुलिस थाने से दो इंस्पेक्टरों, तीन सब इंस्पेक्टर और करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों के साथ लेकर दोपहर 12:37 बजे अदालत में पहुंचे।
विकास और आशीष ने गाड़ी से उतरते वक्त से लेकर वापस जाते समय पूरे वक्त मुंह छिपाये रखा। कोर्ट रूम में भी दोनों खासकर विकास ने पूरे समय मुंह पर रुमाल रख चेहरा छिपाये रखा। पेशी के दौरान विकास के हाथ भी कंपकंपा रहे थे। पुलिस ने भी पूरी कोशिश की कि दोनों चेहरे मीडियाकर्मियों के कैमरों में न आ सकें।