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महज 25 साल की उम्र में सुषमा स्वराज बनी थीं मंत्री, हरियाणा की बेटी के निधन पर शोक की लहर

Wed, 07 Aug 2019 08:53 AM IST
ajay kumar विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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Sushma Swaraj - फोटो : PTI
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हरियाणा के अंबाला में जन्मी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का प्रदेश की राजनीति से गहरा जुड़ाव रहा है। साल 1977 में हरियाणा में ताऊ देवीलाल की सरकार में वह सबसे कम 25 साल की उम्र की कैबिनेट मंत्री बनी थीं। बाद में करनाल से तीन बार लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली। स्वराज का रोहतक से भी गहरा नाता रहा है। 

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वे 2004 के विधानसभा चुनाव में रोहतक शहर से चुनाव लड़ने वाले मनीष ग्रोवर के लिए वोट मांगने आई थीं। इनेलो से गठबंधन के समय भी 2009 में नए बस स्टैंड के नजदीक रैली की थी, जिसकी यादें आज भी कार्यकर्ताओं के जहन में ताजा हैं। सत्तर के दशक में सुषमा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गईं थीं। उनके पति स्वराज कौशल, सोशलिस्ट नेता जॉर्ज फर्नांडीस के करीबी थे। 

इस कारण वह भी 1975 में फर्नांडीस की विधिक टीम का हिस्सा बन गईं। आपातकाल के समय उन्होंने जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साल 1977 में उन्होंने अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से हरियाणा विधानसभा के लिए विधायक का चुनाव जीता और चौधरी देवी लाल की सरकार में 1977 से 79 के बीच राज्य की श्रम मंत्री रह कर 25 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने का रिकार्ड बनाया था।

1979 में तब 27 वर्ष की स्वराज प्रदेश में जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष बनीं। 80 के दशक में स्वराज भाजपा में शामिल हो गईं। 1987 से 1990 तक दोबारा अंबाला कैंट से विधायक रहीं। वह अटल सरकार में केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री भी रहीं। भाजपा ने उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री भी बनाया था। 

किसने क्या कहा
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अचानक देहांत से गहरा धक्का लगा है। उनका देश व प्रदेश की राजनीति में अहम योगदान रहा। प्रदेश के विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।  -सीएम मनोहर लाल

सदैव अपने प्रदेश का नाम रोशन करने वाली हरियाणा की बेटी दिग्गज राजनीतिज्ञ एवं मार्गदर्शक सुषमा स्वराज के निधन की सूचना स्तब्ध व बेहद पीड़ा देने वाली है। आप हमारे लिए हमेशा प्रेरणा रहेंगे।  -कविता जैन, महिला एवं बाल विकास मंत्री 
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हरियाणा की बेटी, भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेत्री, पूर्व विदेश मंत्री, हम कार्यकर्ताओं की मार्गदर्शक सुषमा स्वराज हमारे बीच नहीं रहीं। सभी की ओर से आपको भावभीनी श्रद्धांजलि। -सुभाष बराला, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा

सुषमा स्वराज के निधन पर हमें बहुत दुख हुआ। सुषमा का हमसे निजी रिश्ता था। वह मेरी पत्नी डॉक्टर उर्मिला शर्मा की बुआ थीं। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। -डॉ. सतीश शर्मा, सनसिटी रोहतक

हरियाणा की होनहार बेटी, भाजपा की दिग्गज नेत्री, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात काम किया। हम सभी की ओर से सुषमा स्वराज को भावभीनी श्रद्धांजलि।  - मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री
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