इसके बाद दुकानदारों को नोटिस भी जारी कर दिया गया था। वीरवार को बैठक में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस व बीजेपी पार्षद के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस ने मेयर राजबाला मलिक से इस्तीफा मांगा तो हंगामा शुरू हो गया। पलटवार करते हुए भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पार्षदों से अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही है।
कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने किराया बढ़ाने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना सदन की मंजूरी के किस तरह किराया बढ़ाने के नोटिस जारी कर दिए गए, जबकि फैसला वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने लिया था। इसे लेकर मिनट्स भी पास नहीं करवाए गए थे।
फिलहाल सफाईकर्मियों का वेतन स्मार्ट घड़ियों के आधार पर नहीं होगा
बैठक में सफाई कर्मियों के स्मार्ट वॉच को लेकर भी बहस हुई। नगर निगम के कमिश्नर ने कहा कि स्मार्ट वॉच ठीक ढंग से काम कर रही हैं। जो कमियां हैं, उसे दूर किया जा रहा है। इसके लिए एक कमेटी का गठन होगा।
कमेटी जांच करेगी कि स्मार्ट वॉच से फायदा हो रहा है या नुकसान। उसके बाद कमेटी की रिपोर्ट सदन में आएगी। उसके आधार पर ही कोई फैसला होगा। हालांकि, कमेटी की रिपोर्ट आने तक सफाई कर्मियों का वेतन मैन्युअल हाजिरी पर लगेगा।
पेड पार्किंग कंपनी को 30 नवंबर तक लगाने होंगे स्मार्ट फीचर
निगम की बैठक में पेड पार्किंग कंपनी को लॉकडाउन पीरियड में लाइसेंस फीस माफी के एजेंडे को पार्षदों की आपत्ति के बाद रद्द कर 30 नवंबर तक सभी पार्किंग स्थलों पर स्मार्ट फीचर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पार्षदों का मत था कि निगम पहले ही अगस्त माह तक कंपनी को रियायत दे चुकी है। निगम से हुए समझौते के अनुसार अगर निर्धारित समय में पार्किंग स्थलों को स्मार्ट नहीं किया जाता तो करार रद्द भी किया जा सकता है।