कारण: पहाड़ों पर कम बारिश से नदियों में घटा पानी
पिछले साल भी प्रदेश में बिजली और पानी का संकट गहराया था लेकिन इस बार मार्च में ही दिक्कत आने लगी है। अप्रैल, मई और जून में पानी-बिजली की किल्लत और बढ़ सकती है। इस बार फरवरी में पहाड़ों और हरियाणा में बारिश न के बराबर रही, इसलिए यमुना नदी में पानी का बहाव नाममात्र है।
उपाय: बारिश का करना होगा इंतजार
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 15 जून के बाद बारिश का सीजन शुरू होता है, पहाड़ों में बारिश के बाद ही यमुना में पानी की मात्रा बढ़ेगी।
यमुना में पानी की आपूर्ति कम होने के चलते नहरों में पानी कम आ रहा है। हालांकि, विभाग ने पहले ही पानी के टैंकों को भर लिया है। जहां भी पानी की कमी होगी, उसे पूरा किया जाएगा। भिवानी, चरखी दादरी समेत सभी शहरों के कार्यकारी अभियंताओं से फोन पर अपडेट लिया जा रहा है। - देवेंद्र दहिया, चीफ इंजीनियर, जन स्वास्थ्य विभाग।
जून-जुलाई में पूरी क्षमता तक पहुंच जाती है बिजली की मांग
जून और जुलाई में गर्मी चरम पर होती है। वर्ष 2021 व 2022 में रोजाना की कुल बिजली क्षमता 12187 मेगावाट थी। 7 जुलाई 2021 को मांग इतनी ही पहुंच गई थी। इसी प्रकार 28 जून 2022 को कुल क्षमता 12768 मेगावाट तक पहुंची थी।
अदाणी के बिजली आपूर्ति घटाने से बढ़ेगी दिक्कत
अब हरियाणा की कुल बिजली क्षमता 13522 मेगावाट है। इस बार अदाणी पावर ने 1424 मेगावाट बिजली में से 16 प्रतिशत तक बिजली कम देने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश के उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ेगी। संभावना है कि हजारों नए बिजली उपभोक्ता जुड़ने और नए उद्योग आने से मांग इससे अधिक जा सकती है। पिछले साल उद्योगों में 10-10 घंटे तक कट लगाने पड़े थे। इस साल भी आशंका है कि पीक सीजन में बिजली कटों का सामना करना पड़ेगा।
प्रदेश की प्रतिदिन की बिजली क्षमता
- 2582.04 मेगावाट हरियाणा का उत्पादन
- 846.14 मेगावाट बीबीएमबी से
- 2921.09 मेगावाट केंद्र सरकार से
- 7173.22 मेगावाट दूसरे स्रोतों से
- 13522.85 मेगावीट कुल
धान के सीजन के साथ-साथ गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले ही निगमों में पुख्ता प्रबंध कर लिए गए हैं। पिछली बार तो अदाणी पावर से भी बिजली नहीं मिल रही थी लेकिन इस बार अदाणी से 1000 मेगावाट से अधिक बिजली मिलेगी। इसके अलावा कुछ अन्य कंपनियों और राज्यों के साथ अनुबंध किए हैं। जैसे ही मांग बढ़ेगी बाहर से बिजली ली जाएगी। अनुमानित मांग के अनुसार प्रदेश के पास पर्याप्त बिजली होगी। - पीके दास, चेयरमैन, बिजली निगम, हरियाणा।