सोमवार को सदन में कामकाज की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। ऐसे में शून्यकाल नहीं होने का मुद्दा भी उठेगा। विपक्षी सदस्य इसी समय से कानून-व्यवस्था और अजनाला थाने पर हमले की घटना में अब तक कोई कार्रवाई न होने का मामला उठाएंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भी सोमवार को चर्चा होगी, जिसमें विपक्षी सदस्य सरकार को घेरने का मौका नहीं चूकेंगे।
राज्य के अन्य मुद्दों के अलावा इस बार विधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल की अनदेखी भी एक मुद्दे के रूप में सामने आएगी। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा इस मुददे पर पहले ही सरकार के बर्ताव की आलोचना कर चुके हैं और वह इस मुद्दे को सदन में फिर से उठाएंगे। खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के खिलाफ थाने पर हमले और पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने के बारे में सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस ने शनिवार को अवकाश के दौरान विधायक दल की बैठक बुलाकर विधानसभा सत्र के लिए रणनीति बना ली है, वहीं अकाली दल और भाजपा भी अपनी सदस्य संख्या कम होने के बावजूद सत्ता पक्ष को चुनौती देंगे। अकाली दल कानून-व्यवस्था की मुद्दे के अलावा बहिबल कलां फायरिंग केस में एसआईटी की रिपोर्ट को लीक करने का सरकार पर पहले ही आरोप लगा चुका है और पार्टी ने रिपोर्ट लीक को लेकर सदन में सवाल उठाने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा, सरकारी खजाने से देशभर में आप सरकार के प्रचार के लिए विज्ञापनबाजी का मुद्दा भी उठना तय है। हालांकि राज्य सरकार सोमवार को ही बहस के साथ ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित करेगी लेकिन यह सब कुछ शांति से हो पाएगा, विपक्ष की तैयारी को देखते हुए संभव दिखाई नहीं दे रहा।