शादी के बंधन में बंधे अमृतपाल सिंह और किरणदीप कौर।
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वारिस पंजाब दे जत्थेबंदी के प्रधान भाई अमृतपाल सिंह शुक्रवार को इंग्लैंड की किरणदीप कौर के साथ विवाह बंधन में बंध गए। किरणदीप कौर गांव कुलार के प्यारा सिंह की बेटी है और यूके के बर्मिघम की रहने वाली हैं। शादी सादे ढंग से की गई। शादी की लोकेशन अंतिम समय पर बदल कर कस्बा बाबा बकाला के गांव जल्लूपुर खेड़ा कर दी गई। गांव जल्लूपुर खेड़ा अमृतपाल का पैतृक गांव है। पहले अमृतपाल सिंह की शादी के लिए आनंद कारज का कार्यक्रम नकोदर के गांव फतेहपुर के गुरुद्वारा छठी पातशाही के पास होना था।
बड़ी संख्या में लोगों के वहां पहुंचने की संभावना को देखते हुए समय पर लोकेशन बदल दी गई। सुबह सात बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक आनंद कारज का कार्यक्रम गांव जल्लूपुर खेड़ा के गुरुद्वारा साहिब में हुआ। गुरुद्वारा साहिब में विवाह के लिए कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए थे। अमृतपाल की शादी के कार्यक्रम को पूरी तरह गुप्त रखा गया था। बावजूद इसके शादी के संबंध में सारे पंजाब में सूचना पहुंच गई। जिस कारण शादी का वेन्यू बदला गया।
अमृतपाल दीप सिद्धू की ओर से स्थापित किए गए संगठन वारिस पंजाब दे के मुखी हैं और जरनैल सिंह भिंडरावाले की विचारधारा का प्रचार व प्रसार करने के साथ-साथ अमृतपान का अभियान भी पंजाब में चला रहे हैं।
पत्नी किरणदीप कौर भी धर्म प्रचार अभियान में देंगी साथ
शादी के बाद मीडिया से बातचीत में अमृतपाल ने कहा कि मीडिया के कारण ही उन्होंने आनंद कारज का स्थान बदला था। उन्होंने कहा कि अपने परिवार व धर्मपत्नी के परिवार की सहमति से ही साधारण तरीके से विवाह किया है, क्योंकि वह गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि विवाह रस्म साधारण होनी चाहिए ताकि किसी भी परिवार में कोई बोझ न पड़े। सभी लोगों को विवाह बिना खर्च के और बहुत ही साधारण ढंग से करने चाहिए। उन्होंने कहा कि अब उनकी पत्नी उनके साथ ही भारत में रहेगी और उनके संगठन की ओर से चलाए गए धर्म प्रचार के अभियान में उनका साथ देंगी।