विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने बिजली-पानी समेत कई मुद्दों पर बहस की मांग की। स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने नियमों का हवाला देकर बहस की इजाजत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के बाद कार्य सलाहकार कमेटी की पहली रिपोर्ट पेश की जा रही थी। इसी दौरान सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने स्पीकर से कहा कि आपने बहस के लिए समय नहीं दिया। सरकार का कहना है कि इन मुद्दों पर बहस हो चुकी है। अगर बहस के बाद भी मुद्दे आज वहीं खड़े हैं तो आज इन पर बहस और भी जरूरी थी।
जाखड़ ने कहा कि बिजली-पानी को लेकर पूरे पंजाब में हाहाकार मचा हुआ है। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। स्पीकर ने नियमों का हवाला भी दिया। लेकिन कांग्रेसी बहस की मांग पर अड़े रहे। लेकिन स्पीकर ने इनकार कर दिया।
इसके बाद कांग्रेसी स्पीकर के सामने आकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कांग्रेसी सदन से बाहर चले गए। कुछ समय बाद वे वापस लौटे और अपनी कुर्सियों पर बैठ गए।
बजट पेश करने के दौरान बत्ती हुई गुल
बजट पेश करने के दौरान 11.40 मिनट पर लाइट चली गई। करीब तीस सेकेंड के लिए भाषण रुका, इस बीच इमरजेंसी लाइटें जलाई गईं। लाइट जाते ही कांग्रेसियों ने हंसते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। जवाब में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल बोले, यह पंजाब नहीं, चंडीगढ़ है। करीब सात मिनट बाद लाइट पूरी तरह बहाल हो सकी।
विधायकों को आज मिलेगा समय
कांग्रेस ने स्पीकर से मांग की थी कि 21 मुद्दों पर बहस कराई जाए। इसे स्वीकार करते हुए स्पीकर ने कहा कि वीरवार को गैर सरकारी कामकाज के दौरान विधायकों को अपने हलकों की समस्याएं रखने के लिए एक घंटा दिया जाएगा।