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Chandigarh News: पांच शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा का इंतजार बढ़ा

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चार्जिंग स्टेशन नहीं होने से शुरू नहीं हो सकीं इलेक्ट्रिक सिटी बस
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चंडीगढ़। हरियाणा के पांच शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा का इंतजार बढ़ गया है। अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी, रोहतक और हिसार के लोगों को अभी इस सेवा का लाभ उठाने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल कुछ जगहों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं किए जा सके हैं। ये सभी इलेक्ट्रिक बसें हैं, इसलिए चार्जिंग स्टेशनों का होना जरूरी है। हरियाणा सरकार ने दावा किया कि इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इन शहरों में जल्द ही सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने नौ शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा की शुरुआत की थी। इसी साल जनवरी में चार शहर यमुनानगर, पानीपत, करनाल और पंचकूला में इसकी शुभारंभ किया था। उस दौरान हरियाणा सरकार का दावा था कि बाकी पांच शहर अंबाला, सोनीपत, रोहतक और हिसार में जून तक सिटी बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। मगर जून बीतने के बावजूद सेवा की शुरुआत नहीं हो सकी। दरअसल सिटी बस सेवा की चार्जिंग स्टेशन के निर्माण का काम एक एजेंसी को सौंपा गया है। एजेंसी ही काम में लेट लतीफी कर रही है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में 15 से 20 दिन का वक्त और लग सकता है। उसके बाद ही सिटी बस सेवा की शुरुआत हो सकेगी।
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सिर्फ पांच बसें ही पहुंची
हरियाणा सरकार ने जिन शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा की शुरुआत की उनमें सिर्फ पांच-पांच बसें ही पहुंची हैं। सरकार की योजना इन शहरों में 50-50 बसें देने की है। बताया जा रहा है कि पहले बाकी बचीं शहरों में बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। उसके बाद इन शहरों में बाकी बची बसों को अलॉट किया जाएगा। इन बसों को गांवों में भी चलाने की योजना है। ये इलेक्ट्रिक एसी बसें आरामदायक होने के साथ-साथ इनका किराया भी कम है। मौजूदा समय में गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद में सिटी बस सेवा संचालित है। इन शहरों में भी सिटी बस सेवाओं का विस्तार किया जाना है।
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450 इलेक्ट्रिक बसें आनी हैं
हरियाणा सरकार की ओर से 450 इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा के लिए समझौता किया जा चुका है। इसके तहत नौ शहरों में 50-50 बसें आवंटित की जानी है। यह योजना करीब 2450 करोड़ रुपये की है। इन बसों के चलने से न तो प्रदूषण होगा और न ही लोगों को किराए के लिए झिकझिक करनी पड़ेगी। इन 45 सीटर इलेक्ट्रिक बसों का किराया पहले पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये निर्धारित किया गया है, उसके बाद हर तीन किलोमीटर के लिए 5 रुपये की वृद्धि की जाएगी। यह बसें कार्बन का शून्य उत्सर्जन करती हैं। एक अनुमान के मुताबिक 10 वर्षों की अवधि में लगभग 4.2 लाख लीटर डीजल की बचत होगी। ये बसें तेजी से चार्ज होने वाली लिथियम आयन बैटरी से चलती हैं और अन्य आधुनिक सुविधाओं के अलावा रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस), आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन, वाहन स्थान और ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्टॉप रिक्वेस्ट बटन, फायर डिटेक्शन सिस्टम और अलाॅर्म से लैस होती हैं।


बाकी शहरों में इलेक्ट्रिक बस सेवा जल्द शुरू की जानी है। कुछ समस्याएं थी, जिन पर काम चल रहा है। बहुत जल्द तय शहरों में बस सेवा शुरू हो जाएगी।

- नवदीप सिंह विर्क, अतिरिक्त मुख्य सचिव, परिवहन विभाग
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