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चंडीगढ़ः डड्डूमाजरा में डंपिंग ग्राउंड का दौरा करने पहुंचे बदनौर, बोले- खामियां नहीं, समाधान निकालो

Wed, 01 Aug 2018 03:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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डंपिंग ग्राउंड
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चंडीगढ़ में एक और गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगने की संभावना बढ़ गई है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने नगर निगम को पूरा कचरा प्रोसेस करने के लिए दूसरा प्लांट लगाने के लिए कहा है। प्रशासक ने वैकल्पिक व्यवस्था करके नगर निगम के अधिकारियों को पूरा प्लान देने को कहा है। प्रशासक ने नगर निगम कमिश्नर और मेयर को कहा है कि तत्काल प्रभाव से प्लान को मंजूरी दे दी जाएगी। प्रशासक ने नगर निगम के अधिकारियों को कहा कि वे खामियां निकालने के बजाय समाधान निकालें।
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प्रशासक बदनौर मंगलवार को डड्डूमाजरा में गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट और डंपिंग ग्राउंड का दौरा करने पहुंचे थे। हालांकि प्रशासक डंपिंग ग्राउंड के अंदर निरीक्षण करने के लिए नहीं गए। वहीं गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट के दो प्रवेश द्वार हैं जिनमें से एक बंद ही रहता है, लेकिन मंगलवार को इस बंद हुए द्वार को भी खोला गया और यहां से ही प्रशासक को दाखिल करवाया गया। दूसरे द्वार पर प्रवेश से ही कचरे के ढेर लगे हैं। साल 2008 के बाद पहली बार कोई प्रशासक प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे हैं।

लोगों की मांग पर मंगलवार को डड्डूमाजरा में चल रहे प्रोसेसिंग प्लांट को देखने के लिए प्रशासक बदनौर पहुंचे। प्रशासक ने कहा कि उन्हें यहां पर अहसास हुआ है कि डड्डूमाजरा के लोग किस तरह से परेशानी में रह रहे हैं। प्लांट के अंदर अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रशासक ने कहा कि इस बात में नहीं पड़ना चाहिए कि प्लांट किसके कार्यकाल में लगा है। इस बात की ओर काम करना चाहिए कि अब इस समस्या से किस तरह से निजात पाई जा सकती है।
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खामियां निकालने से कोई फायदा नहीं है। मालूम हो कि इस गारबेज प्लांट के लिए भाजपा हमेशा कांग्रेस कार्यकाल को जिम्मेवार बताकर सदन में हंगामा कर चुकी है। प्रशासक ने मीटिंग के दौरान कहा कि प्रशासन निगम की हर तरह से मदद करने को तैयार है। मीटिंग में प्रशासक ने मेयर देवेश मोदगिल को कहा कि लेकिन काम उन्हें ही करना है। बैठक में प्लांट चलाने वाली जेपी कंपनी ने प्रेजेंटेशन भी दी।

150 से 200 टन कचरा हो रहा है प्रोसेस
कमिश्नर केके यादव ने प्रशासक को बताया कि प्रतिदिन शहर में 450 टन कचरा निकलता है लेकिन प्लांट सिर्फ 150 से 200 टन कचरा ही प्रोसेस कर पा रहा है। इस वजह से डंपिंग ग्राउंड और प्लांट के अंदर कचरे के ढेर लगे हैं। प्लांट के प्रभारी रण विजय सिंह ने प्रशासक को बताया कि 300 टन कचरा प्रोसेस किया जा रहा है। प्रशासक ने कहा कि जो कचरा यह प्लांट प्रोसेस कर रहा है वह तो ठीक है। अन्य कचरे के लिए नया प्रपोजल बनाया जाए। इस प्लांट को लगाने में कंपनी ने 2008 में 32 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

प्रशासक ने रिकार्डिंग करने से रोका
प्रशासक बदनौर जब बैठक को संबोधित कर रहे थे तो प्लांट के एक कर्मचारी की ओर से इसकी रिकार्डिंग की जा रही थी, इस पर प्रशासक ने आपत्ति जताते हुए उसे रोका। इसके बाद उस कर्मचारी को कमरे से बाहर भेजा गया।

खाद का प्रयोग बढ़ाया जाए
बैठक के बाद प्रशासक ने प्लांट का दौरा किया। उन्होंने कंपोस्ट प्लांट को भी देखा। कंपनी की ओर से बताया गया कि खाद की बिक्री कम हो रही है। प्रशासक ने निगम के अधिकारियों को कहा कि वे अपने पार्कों में इस खाद का प्रयोग करें। प्रशासक ने कमिश्नर को कहा कि वे पंजाब व हरियाणा में अपने अधिकारियों से बात करें ताकि प्लांट से खाद वहां बिक सके। हालांकि प्रशासक प्लांट के सामने डंपिंग ग्राउंड के भीतर निरीक्षण के लिए नहीं गए।

प्रशासक को दूसरे द्वार से लाया गया
ऐसी हालत प्लांट की एक महीने से है। प्लांट के दो प्रवेश द्वार हैं जिनमें से एक बंद ही रहता है, लेकिन मंगलवार को इस बंद हुए द्वार को भी खोला गया और यहां से ही प्रशासक को दाखिल करवाया गया। दूसरे द्वार पर प्रवेश से ही कचरे के ढेर लगे हैं।

प्लांट बना मिनी डंपिंग ग्राउंड
डंपिंग ग्राउंड की हालत बुरी है क्योंकि प्रतिदिन करीब 200 से 250 टन कचरा बिना प्रोसेस किए हुए जा रहा है जिस कारण दुर्गंध बढ़ गई है। मानसून होने के कारण अब दुर्गंध पूरे शहर में जा रही है। इस समय जो गारबेज प्लांट है वह मिनी डंपिंग ग्राउंड बन गया है क्योंकि डंपिंग ग्राउंड के प्रवेश द्वार पर खुले में ही 5 हजार टन कचरा पड़ा हुआ है जिसे प्रोसेस किया जाना बाकी है। सड़क किनारे कचरे का पहाड़ बन गया है।

प्रशासक साहब आते रहिए तो मिलती रहेगी राहत
प्रशासक से मिलने के लिए डड्डूमाजरा के लोग सुबह 11 बजे पहुंच गए थे, लेकिन बदनौर 12 बजे आए। पुलिस ने सिर्फ पांच लोगों को ही मिलने की मंजूरी दी। लोगों का कहना है कि प्रशासक साहब ऐसे आते रहे तो दवा का छिड़काव और सफाई होती रहेगी। मिलने के बाद प्रशासक ने लोगों को कहा कि उन्हें यहां पर उनकी परेशानी का अहसास हुआ है। लोगों ने प्रशासक को कहा कि उनकी इस विजिट का अब परिणाम मिलना चाहिए। प्रशासक ने कहा कि इसका हल जल्द निकाला जाएगा। डंपिंग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन दयाल कृष्ण का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों को राहत मिलनी चाहिए। स्थानीय निवासी जसविंदर सिंह और सुरेंद्र कुमार का कहना है कि प्रशासक के आने से पहले नगर निगम की ओर से डंपिंग ग्राउंड में फोगिंग की गई थी, इस कारण दुर्गंध कम आ रही है। उन्होंने बताया कि सामान्य हालात में यहां रात को भी मास्क पहनकर सोना पड़ता है।
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