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लेक पर बतखें आएं या नहीं, वोटिंग से होगा फैसला

Thu, 17 Dec 2015 04:46 PM IST
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शांत सुखना लेक पर बतखें फिर से लाई जाएं या नहीं, यह फैसला चंडीगढ़ वासी ही लेंगे। प्रशासन ने लोगों पर यह बात छोड़ी है। इसके लिए माईगव पर वोटिंग कराई जाएगी।
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बतखें लाने के पक्षधर ज्यादा हुए तो आपको फिर से सुखना पर बतखों के साथ सेल्फी लेने का मौका मिलेगा। बच्चे आस-पास खेलती बतखों संग मस्ती कर सकेंगे। साथ ही सुखना की अखरती खामोशी टूट जाएगी।

शुक्रवार 18 दिसंबर 2014 को बर्ड फ्लू के कारण 125 के करीब बतखों को मारना पड़ा था। प्रशासन ने लेक पर बतखों के मॉन्यूमेंट लगाए जाने की बात कही थी। लेकिन साल बीत गया अभी तक न तो मॉन्यूमेंट लगे और न ही बतखें आई।
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हालांकि सुखना पर इन दिनों माइग्रेटरी बर्ड्स का आना शुरू हो गया है। जिससे वीरान सुखना में कुछ पक्षी तैरते देखे जा सकते हैं। ये पक्षी लोगों से दूर ही रहते हैं। जबकि बतखें लेक पर बनी सीढ़ियों के पास तक आ जाती थीं। बच्चे इन बतखों से घिरे होते थे। जिससे हर किसी को इनसे अपनापन महसूस होता था।

सेक्टर-17 और 22 की डिवाइडिंग पर भी हो चुकी वोटिंग
इससे पहले सेक्टर-17 और 22 के डिवाइडिंग रोड को बंद करने के लिए भी माईगव पर वोटिंग कराई गई थी। रोड बंद करने के लिए ज्यादा लोगों ने राय दी। जिसके बाद प्रशासन ने इस रोड को बंद कर दिया था।

सुखना पर बतखें फिर से लाई जाएं या नहीं इस पर लोगों की दोनों तरह की राय है। कुछ चाहते हैं बतखें आएं जबकि कुछ के मन में भय है। हम माईगव पोर्टल पर लोगों के विचार जानकर फिर फैसला लेंगे। माईगव पर जल्द ही वोटिंग कराई जाएगी।
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-विजय कुमार देव, एडवाइजर, चंडीगढ़
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