यूटी प्रशासन का इस बार का लक्ष्य है कि आगामी लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ का मतदान का प्रतिशत 80 पार कर जाए। हालांकि, पिछले चार दशक में चंडीगढ़ में अधिकतम मतदान का प्रतिशत 68.93 रहा है।
लेकिन, प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के लिए वह कई कदम उठाएंगे।
प्रशासन की ओर से चुनाव से पहले शहर में मतदाताओं को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। बाजारों में दुकानदारों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलेगा क्योंकि दुकानदारों की रुचि मतदान में कम रहती है।
10 वर्षों का चंडीगढ़ में मतदान का प्रतिशत
1977- 67.4
1980- 63.93
1984- 68.93
1989- 65.67
1991- 57.84
1996- 58.41
1998- 53.69
1999- 48.35
2004- 50.91
2009- 65.02
सर्दियों में मतदान ज्यादा
चंडीगढ़ के मतदान के प्रतिशत में मौसम की भी भूमिका रहती है। 1980, 1984, 1989 में चंडीगढ़ में मतदाम नवंबर से जनवरी के बीच हुआ। ऐसे में इन तीन सालों में मतदान का प्रतिशत 63 से 65 के बीच रहा।
इसके बाद जब 1991 में गर्मी में मतदान हुआ तो शहर में मतदान का प्रतिशत गिर गया। 1996 में भी गर्मी में मतदान हुआ और मतदान का प्रतिशत गिरा। इसके बाद से गरमी में ही मतदान हो रहा है। 2009 को छोड़कर बाकी सभी सालों में मतदान का प्रतिशत गिरा।
तीसरे चरण में होगा मतदान
अगले सप्ताह चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव का शेड्यूल घोषित कर दिया जाएगा। वर्ष 2004 और 2009 में चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव अंतिम चरण में हुआ है। जबकि 1999 में चंडीगढ़ में पहले चरण में मतदान हुआ था।
इस बार उम्मीद है कि चंडीगढ़ में या तो पहले या तीसरे चरण में मतदान होगा। ऐसे में अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई के पहले सप्ताह में चंडीगढ़ में चुनाव हो सकता है।