चंडीगढ़। मनीमाजरा के सराफ को 12 करोड़ की ठगी मामले में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार यमुनानगर के साइबर थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर बलवंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। सीबीआई ने आरोपी इंस्पेक्टर के वॉयस सैंपल लेने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं, शिकायतकर्ता के वॉयस सैंपल लेने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता ने इसकी पुष्टि की है।
अमेरिका निवासी एक व्यक्ति से करीब 12 करोड़ की ठगी की गई थी। इस मामले में जिला यमुनानगर (हरियाणा) के साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया था। मामले में विक्रमजीत सिंह व दो महिलाओं को नामजद किया गया था। केस की जांच इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ही कर रहा था। जांच के दौरान वह सेक्टर-23 में ज्वेलरी शोरूम चलाने वाले मनीमाजरा के सराफ के यहां पहुंचा और आरोपी विक्रमजीत के बारे में पूछताछ की। साथ ही केस में फंसाने की धमकी देकर सराफ से 40 लाख रुपये मांगे। बाद में सराफ ने इसकी शिकायत सीबीआई में कर दी। सीबीआई ने जाल बिछाकर मंगलवार शाम आरोपी इंस्पेक्टर समेत तीन लोगों को सेक्टर-23 में पांच लाख की रिश्वत लेते धर दबोचा।
जांच टीम ने कोर्ट में बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप कॉल कर रिश्वत मांग रहा था, बातचीत की रिकार्डिंग उनके पास है इसलिए आरोपी इंस्पेक्टर के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी जाए। कोर्ट के आदेश पर आरोपी इंस्पेक्टर के वॉयस सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे जाएंगे। सीबीआई ने यमुनानगर साइबर थाने में इस मामले से जुड़ी एफआईआर व उससे संबंधित सारे दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।