इस वीडियो में देखिए दहशत का वो मंजर, जब रिटायर्ड आर्मी अफसर के घर में तेंदुए में 6 घंटे तक मचाया उत्पात। लोगों की सांसें यह सोचकर अटकी रही कि कहीं वह हमारे घर में न घुस जाए। घटना पंचकूला के पिंजौर में घटी। अमरावती एन्कलेव स्थित लेफ्टिनेंट जनरल बीएस जसवाल के घर में तेंदुआ घुस गया।
पास के जंगल से दाखिल हुए तेंदुए को ले. जनरल बीएस जसवाल की पत्नी और उनके नौकर ने देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी सूचना जसवाल को दी। लेफ्टिनेंट जनरल ने पुलिस, वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट सहित अन्य विभागों को इस बारे में सूचित किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैंक्वलाइजर की मदद से पिंजरे में कैद किया गया।
तेंदुए को पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ले. जनरल बीएस जसवाल ने बताया कि सुबह करीब 8.30 बजे उनकी पत्नी रितू घर के पिछले हिस्से में वॉशिंग मशीन पर कपड़े रखने के बाद लौट आईं। इस दौरान उनकी नजर तेंदुए पर नहीं पड़ी, थोड़ी देर बाद जब उनका नौकर कुलदीप उस तरफ गया तो उसने तेंदुए को देखा।
उसने जसवाल को बताया कि यहां कोई जानवर है, लेकिन वह तेंदुए को पहचान नहीं सका। जसवाल ने खिड़की से देखा तो वह लंबी पूंछ देखकर उसे पहचान गए और उन्होंने इसकी जानकारी सोसायटी के प्रेसिडेंट को दी और पुलिस व वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट को इसकी सूचना देने को कहा। इसके बाद सभी उसी घर में बैठे रहे और तेंदुए पर नजर बनाए रहे।
ट्रैंक्वलाइजर गन से बेहोश कर दबोचा गया
ट्रैंक्वलाइजर गन का निशाना लगते ही तेंदुआ बौखला गया। इसके बाद वह करीब छह-सात फुट की दीवार लांघ कर दूसरे घर के पिछले हिस्से में पहुंच गया। वहां आसपास की छतों पर मौजूद लोगों की आवाजें सुनकर वहां नहीं रुका और उसने फिर छलांग लगाई।
मकान नंबर-215 के पिछले हिस्से में फर्श पर अधिक फिसलन थी, इस दौरान उसने फिर छलांग मारने की कोशिश की, लेकिन उसके पांव फिसलने लगे। उसने हिम्मत नहीं हारी, उस घर में एक चक्कर काटते हुए तीसरे घर के लिए लंबी छलांग लगाई और दीवार फांदकर निर्माणाधीन मकान के ग्राउंड फ्लोर पर जा पहुंचा।
करीब 6 घंटे बाद मिला ट्रैंक्वलाइजर गन चलाने का मौका
सूचना मिलते ही चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन डॉ. अमरिंदर कौर, इंस्पेक्टर जयवीर, रामकेश, डीएओ मोरनी-पिंजौर मंडल रोहताश बिरथल, पशु चिकित्सक एवं प्रजनन केंद्र के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार, एसीपी कालका राजेश कुमार, थाना प्रभारी महिंद्र सिंह, छतबीड़ जू के डॉ. एमपी सिंह सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए।
चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए ऑपरेशन की शुरुआत की। इसके लिए तीन शूटर, एक पिंजरा, 5 नेट कैचर, जाल सहित करीब 1.30 बजे ट्रैंक्वलाइजर गन से शूटर ने तेंदुए पर डॉट मारा।
शिवालिक के जंगल में छोड़ दिया तेंदुए को
ट्रैंक्वलाइजर के असर की वजह से करीब आधा-पौने घंटे के बाद वन्य प्राणी विभाग के कर्मी उस बिल्डिंग में दाखिल हुए और वहां बेसुध पड़े तेंदुए को जाल में ले लिया। इसके बाद गाड़ी में रखे पिंजरे में डालकर ले गए। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के मुताबिक तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी हालत ठीक होने के बाद उसे शाम के वक्त शिवालिक के जंगल में छोड़ दिया गया।
यहां देखे वीडियो