29 मार्च को शनैश्चरी अमावस्या पर विपरीत राजयोग बन रहा है। विपरीत राजयोग में जन्म लेने वाले बच्चे अत्यंत भाग्यशाली होंगे। यह योग 29 की रात 10 बजकर 22 मिनट से रात 12 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इस समय में वृष राशि में बृहस्पति है जो शुक्र की राशि है। यही नहीं शुक्र मीन राशि में है, जो बृहस्पति की राशि है।
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चंडीगढ़ सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि विपरीत राजयोग में जन्म लेने वाला बच्चा भाग्यशाली, निरोग, विद्वान और माता-पिता के लिए भी भाग्यशाली व उन्नति कारक होगा। उन्होंने कहा कि मालव्य योग भी बन रहा है, क्योंकि शुक्र उच्च का है। मीन राशि में शुक्र उच्च का होता है। शुक्र त्रिकोण में बैठा है।
उन्होंने कहा कि अमावस्या 28 मार्च शुक्रवार को शाम 7 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर अगले दिन शनिवार शाम को 4 बजकर 28 बजे तक रहेगा।