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शनैश्चरी अमावस्या 29 को: चार दिन बाद जन्म लेने वाले बच्चे होंगे अत्यंत भाग्यशाली... जानें इसका कारण

Tue, 25 Mar 2025 01:32 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

29 मार्च को शनैश्चरी अमावस्या है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन एक विपरीत राजयोग बन रहा है। 
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Pregnant Women - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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29 मार्च को शनैश्चरी अमावस्या पर विपरीत राजयोग बन रहा है। विपरीत राजयोग में जन्म लेने वाले बच्चे अत्यंत भाग्यशाली होंगे। यह योग 29 की रात 10 बजकर 22 मिनट से रात 12 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इस समय में वृष राशि में बृहस्पति है जो शुक्र की राशि है। यही नहीं शुक्र मीन राशि में है, जो बृहस्पति की राशि है। 

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चंडीगढ़ सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि विपरीत राजयोग में जन्म लेने वाला बच्चा भाग्यशाली, निरोग, विद्वान और माता-पिता के लिए भी भाग्यशाली व उन्नति कारक होगा। उन्होंने कहा कि मालव्य योग भी बन रहा है, क्योंकि शुक्र उच्च का है। मीन राशि में शुक्र उच्च का होता है। शुक्र त्रिकोण में बैठा है। 
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उन्होंने कहा कि अमावस्या 28 मार्च शुक्रवार को शाम 7 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर अगले दिन शनिवार शाम को 4 बजकर 28 बजे तक रहेगा। 

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कुंभ राशि को छोड़ मीन राशि में प्रवेश करेंगे शनिदेव

बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि शनिदेव न्यायप्रिय देवता हैं। पूर्वाभाद्र पद नक्षत्र के चौथे चरण में शनिदेव रात 9 बजकर 43 मिनट पर कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। शनिदेव ढाई वर्ष के बाद राशि परिवर्तन करेंगे। शनिदेव को दोबारा इस राशि में आने में 30 वर्ष का समय लगता है।

गंगा स्नान और सरसों के तेल का दीपक जलाकर करें उपाय

उन्होंने कहा कि शनैश्चरी अमावस्या में जिसका शनि खराब है उन्हें गंगा स्नान करना चाहिए। सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। तुला दान भी किया जाता है। गोमाता को हरा चारा डालने से लाभ होता है।
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