यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी और उपद्रव की घटनाओं की जांच कर रही प्रकाश सिंह कमेटी की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट छह मई को सरकार को सौंपना संभव नहीं है। कमेटी के प्रमुख प्रकाश सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत की। असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि वे 10 मई के आसपास रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप दी जाएगी।
यूपी के डीजीपी रहे प्रकाश सिंह ने कहा कि जांट में शामिल कुछ अफसरों से रिपोर्ट से संबंधित जवाब आना अभी बाकी है। यह जवाब आने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर सरकार को सौंप देगी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बताने से इंकार किया, लेकिन संकेत दिया कि आंदोलन के दौरान कई अफसर लापरवाह रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में गठित कमेटी को प्रदेश सरकार ने 45 दिन का कार्यकाल दिया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया। इसके बाद 6 मई को कमेटी की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने की घोषणा हुई थी। अब 10 अप्रैल के आसपास रिपोर्ट दिए जाने की बात कही गई है।
निशाने पर आने वाले अफसरों की खैर नहीं :
प्रकाश सिंह कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट में जिन अधिकारियों को कोताही व लापरवाही के लिए दोषी करार देगी, सरकार उन अफसरों पर कार्रवाई करने का मन बना चुकी है। सोमवार को इस संबंध में गृह सचिव पीके दास ने भी संकेत दिए थे कि अगर कमेटी की रिपोर्ट में कोई अफसर लापरवाही का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार उसे सीधे बर्खास्त कर सकती है। हालांकि अन्य अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में सरकार ऐसे अफसरों पर कार्रवाई कर सकती है।