हरियाणा में जाट आंदोलन को लेकर सुलग रही आग अभी थमी नहीं कि प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज आग बबूला हो गए हैं। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सरकार के रवैये को लेकर इस्तीफे की पेशकश कर डाली।
गुस्से से तमतमाए विज को मान मनौव्वल के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने आवास पर बुलाकर बातचीत की। लंबी चली मंत्रणा के बाद विज इस्तीफा न देने को लेकर राजी हुए।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे मामले में तबाह हुए व्यापारियों के नुकसान की भरपाई को लेकर स्टैंड लिया है। विज ने कैबिनेट में बात रखी कि सरकार पीड़ितों की मदद का आश्वासन दे। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग के दौरान विज की कुछ मंत्रियों के साथ तीखी नोक-झोंक भी हुई।
विज ने कहा कि मंत्री कविता जैन का कालेज फूंक दिया गया और कई भाजपा नेताओं के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, लेकिन अभी तक पीड़ितों की मदद के लिए ठोस पहल नहीं हुई है।
इस घटनाक्रम के दौरान ही कैबिनेट की बिना सहमति के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने ट्वीट कर आंदोलन में मारे गए निर्दोष व्यक्तियों को दस-दस लाख की रकम और नौकरी दिए जाने की जानकारी दे दी।
इस ट्वीट के बाद से ही अनिल विज भड़क गए और मुख्यमंत्री कार्यालय से निकल गए। बाद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें अपने निवास पर बुलाकर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की उपस्थिति में चर्चा की। इसके बाद विज के तेवर नर्म पड़े।
यह घटा घटनाक्रम
बैठक में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को प्रेस कान्फ्रेंस करने के लिए अधिकृत किया गया। शर्मा ने प्रेस कान्फ्रेंस में मुआवजे संबंधी कोई बात नहीं की। इस दौरान ओपी धनखड़ का ट्वीट आ गया। इसके बाद अनिल विज अपने कागजात छोड़कर सीएम कार्यालय से बाहर आ गए।