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हिंसक हुआ जाट आंदोलन, बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी, DSP को चोटें लगीं

Mon, 20 Mar 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाटों का रोकने के लिए युद्ध स्तर पर की गई है तैयारी
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पिछले एक महीने से चल रहा जाट आंदोलन हिंसा में तब्दील हो गया है। फतेहाबाद में आंदोलनकारियों ने पुलिस की 2 बसों में आग लगा दी और करीब 200 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया है। जिले के गांव धानी गोपाल गांव में धरने पर बैठे जाटों ने हिंसक होते हुए पुलिसवालों पर पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी।
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पुलिस वालों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए। सिर पर पत्थर लगने से डीएसपी गुरदयाल सिंह घायल हो गए हैं। कुछ आंदोलकारी और मीडियाकर्मियों को भी चोट आई हैं। कुछ आंदोलनकारी और मीडियाकर्मी भी घायल हुए हैं।

हालात को काबू करने के लिए मौके पर एक्स्ट्रा फोर्स बुलाई गई है।  मौके पर इस समय तनाव का माहौल बना हुआ है। जाटों ने पत्रकारों के मोबाइल और कैमरे भी छीन लिए हैं। धारा-144 के बीच फतेहाबाद के गांव ढाणी गोपाल में धरने पर जाट समुदाय के लोग आ रहे थे।
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पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश तो उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली से बैरिकैड्स तोड़ दिए। पुलिस ने उन्हें काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर दिया। इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो बसों में आग लगा दी और करीब 200 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।
 
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इधर सरकार से बातचीत चल रही

बीस मार्च के दिल्ली कूच पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार को चेताया - फोटो : amar ujala
आंदोलनकारी जाटों और हरियाणा की खट्टर सरकार के बीच दिल्ली में इस समय बातचीत चल रही है। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद हैं। बातचीत दिल्ली के हरियाणा भवन में चल रही है। वार्ता में केंद्रीय न्‍याय एवं कानून राज्‍यमंत्री पीपी चौधरी भी मौजूद हैं।

वहीं अब मामले को लेकर सुलह के आसार बने हुए हैं। उम्‍मीद की जा रही है कि इस मीटिंग में समझौते पर मुहर लग जाएगी। यशपाल मलिक ने भी उम्मीद जताई कि वार्ता के नतीजे आ सकते हैं।

उधर सीएम खट्टर ने इस मुद्दे के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में जाने का कार्यक्रम रद कर दिया और जाटों को बातचीत करने के लिए बुलाया था। दोनों पक्षों ने वार्ता की पुष्टि कर दी थी। अब देखना यह है कि क्या नतीजा निकलता है।

सीएम खट्टर का कहना है कि सरकार जाटों की मांगों के प्रति पूरी तरह गंभीर है। सरकार जाटों को आरक्षण दे चुकी है और हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक को हटवाने के लिए पैरवी कर रही है।

सीएम ने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि किसी निर्दोष को जेल नहीं जाने दिया जाएगा तो मुआवजे और नौकरी की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जिस पर कार्रवाई चल रही है और अन्य जायज मांगों पर विचार किया जा रहा है।
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