जाटों का रोकने के लिए युद्ध स्तर पर की गई है तैयारी
पिछले एक महीने से चल रहा जाट आंदोलन हिंसा में तब्दील हो गया है। फतेहाबाद में आंदोलनकारियों ने पुलिस की 2 बसों में आग लगा दी और करीब 200 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया है। जिले के गांव धानी गोपाल गांव में धरने पर बैठे जाटों ने हिंसक होते हुए पुलिसवालों पर पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी।
पुलिस वालों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए। सिर पर पत्थर लगने से डीएसपी गुरदयाल सिंह घायल हो गए हैं। कुछ आंदोलकारी और मीडियाकर्मियों को भी चोट आई हैं। कुछ आंदोलनकारी और मीडियाकर्मी भी घायल हुए हैं।
हालात को काबू करने के लिए मौके पर एक्स्ट्रा फोर्स बुलाई गई है। मौके पर इस समय तनाव का माहौल बना हुआ है। जाटों ने पत्रकारों के मोबाइल और कैमरे भी छीन लिए हैं। धारा-144 के बीच फतेहाबाद के गांव ढाणी गोपाल में धरने पर जाट समुदाय के लोग आ रहे थे।
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश तो उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली से बैरिकैड्स तोड़ दिए। पुलिस ने उन्हें काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर दिया। इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो बसों में आग लगा दी और करीब 200 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।