स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि दंपति के अलावा परिवार में कोई नहीं है। तीन घंटे तक लाश चौराहे में पड़ी रही और मृतक की पत्नी विलाप करती रही। जानकारी मिलने पर सरपंच राधा रानी, सीएचसी घरोटा से फार्मेसी अफसर अमरीक, एएनएम मनदीप कौर, आशा फेसिलिटेटर सुनीता देवी और दर्जा चार कर्मचारी संजीत सिंह मौके पर पहुंचे। सरपंच ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शव को चारपाई समेत श्मशान घाट पहुंचाया। सरपंच ने बताया कि गांव के लोगों का कहना था कि बुजुर्ग के टेस्ट करवाओ, रिपोर्ट निगेटिव आई तो ही संस्कार में साथ देंगे।
अधिकारी एक-दूसरे पर मढ़ते रहे जिम्मेदारी
सरपंच राधा रानी ने बताया कि लोगों की संवेदनहीनता के बाद उन्हें प्रशासन से भी निराशा मिली। उन्होंने कई अफसरों को फोन लगाया लेकिन सभी किसी और अधिकारी का नंबर देकर उनसे बात करने को कह देते। कई फोन करने के बाद उन्होंने सीएचसी घरोटा की एसएमओ बिंदु गुप्ता को फोन किया तो उन्होंने टीम को भेजा। इसके अलावा एसएचओ तारागढ़ सुरिंदर पाल ने भी सहयोग देकर अंतिम संस्कार में मदद की।