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नशे पर वार: दिन चढ़ते ही सीमांत गांवों में तस्करों के खिलाफ डट जाते हैं बुजुर्ग-युवा, बठिंडा में एक अनूठी पहल

Thu, 07 Sep 2023 02:40 PM IST
निवेदिता वर्मा रविंदर शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

पंजाब की पाकिस्तान से 553 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। इस बेल्ट में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का शामिल हैं। यह जिले नशे की समस्या से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इस क्षेत्र में जमीनी सीमा के साथ-साथ दरियाई इलाका भी है।
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पंजाब में नशे पर वार - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अमृतसर के सीमांत गांवों में जितनी तेजी से नशा अपनी पकड़ जमा रहा है, उतनी ही तेजी से विलेज डिफेंस कमेटियां (वीडीसी) नशे पर वार कर इस नेटवर्क को तोड़ रहीं हैं। रात को तो सीमांत गांवों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और लोकल पुलिस के जवान गश्त करते हैं, लेकिन सुबह के समय इसकी पूरी जिम्मेवारी वीडीसी के सदस्यों पर रहती है।
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इन कमेटियों के सदस्य दिन निकलते ही गांवों को जाने वाली सड़कों पर नाके लगा देती हैं। यह कमेटियां नशा के तस्करों के बड़ी चुनौती बन गई हैं। कमेटियों के माध्यम से अब तक 100 से ज्यादा नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। बाहरी और अनजान बाइक या कार सवारों देखते ही उसे रोक पूछताछ की जाती है। संदिग्ध पाए जाने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाती है। इनके सदस्य गांवों के युवाओं को भी जागरूक कर रहे हैं। उन्हें नशे से होने वाले बुरे प्रभावों से अवगत करवा रहे हैं।

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पंजाब की पाकिस्तान से 553 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। इस बेल्ट में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का शामिल हैं। यह जिले नशे की समस्या से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इस क्षेत्र में जमीनी सीमा के साथ-साथ दरियाई इलाका भी है। अमृतसर जिला में सात ब्लॉक हैं, जिनमें अटारी, चौगांवा, अजनाला, मजीठा, हर्षा छीना, जंडियाला गुरु और तरसिक्का में कुल 774 गांव हैं। इनमें से करीब 250 से ज्यादा गांव तो सीधे पाक सीमा से लगे हैं।

कमेटियों में सेवानिवृत्त लोग
सरकार ने नशों के खिलाफ विलेज डिफेंस कमेटियों का गठन किया। इन कमेटियों की सरंचना गांवों की जनसंख्या पर आधारित है। इसके ज्यादातर सदस्य सेना या पुलिस से सेवानिवृत्त लोग हैं। कमेटियों में सात, नौ और 11 तक सदस्य बनाए गए हैं। गांव के सरपंच या सीनियर पद से सेवानिवृत लोगों को चेयरमैन बनाया गया है।

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जल्द अमीर बनने की चाहत में फैल रहा नशा 
धनोए कलां गांव के सरपंच सुखचैन सिंह ने बताया कि अटारी ब्लॉक में ही सौ से सवा सौ गांव हैं। लोगों को प्रेरित किए जाने की जरूरत है, ताकि युवाओं को नशे से बचाया जाए। 18 से लेकर 30 साल तक के युवा इसमें लगे हैं। बच्चे काम नहीं करना चाहते, मगर जल्दी अमीर बनना चाहते हैं। युवा चाहते हैं कि उसके पास अच्छा मोबाइल फोन हो और मोटरसाइकिल या कार हो।

गांव में फिटनेस सेंटर की शुरुआत
राजासांसी हलके के गांव सचंदर के पूर्व सरपंच के भाई व बाबा भाई साधा जी स्पोर्ट्स एंड कच्लर यूथ क्लब के प्रधान युगराज सिंह सिद्धू ने बताया कि उन्होंने गांव के युवाओं को नशे से दूर करने के लिए जिम (फिटनेस सेंटर) की शुरुआत की। गांव के युवाओं को फ्री सदस्य बनाया, ताकि वे जिम सेंटर में आकर एक्सरसाइज कर सकें और उनका ध्यान नशों की तरफ नहीं जाए। उन्होंने युवाओं को फुटबॉल, वॉलीबॉल की किट्स दी और कबड्डी और पहलवानी का टूर्नामेंट भी करवाए।
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बठिंडा में अनूठी पहल, नशा विरोधी कमेटी का हिस्सा बनीं 13 महिलाएं
मालवा में चिट्टे के प्रकोप को रोकने के लिए ग्रामीण एरिया के लोगों द्वारा अपने अपने गांव से चिट्टे का खात्मा करने के लिए पहले पुरुषों के नाम वाली नशा विरोधी कमेटियां बनाई गई थीं, लेकिन अब बठिंडा के रामपुरा फूल विधानसभा क्षेत्र के अधीन आते गांव दुलेवाला की पंचायत ने गांव से चिट्टा पूरी तरह खत्म करने के लिए महिलाओं को भी साथ ले लिया है। गांव में पहले एंटी ड्रग फोर्स के नाम तले गांववासी पहरा देते थे अब 13 महिलाओं को नशा विरोधी कमेटी के अधीन शामिल किया गया है, जो गांव के आदमियों की तरह दिन रात पहरा देंगी।

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नशा विरोधी कमेटी की हिस्सा बनी महिलाओं में शिंदर कौर, कर्मजीत कौर, कुलवंत कौर, सुखविंदर कौर, मनजीत कौर, सरबजीत कौर, हरप्रीत कौर, कुलदीप कौर, हरप्रीत कौर, गुरकृपाल कौर, सरबजीत कौर, हरबंस कौर और करतारपुर के नाम शामिल हैं। उक्त महिलाओं का कहना था कि पंजाब के गांव-गांव में नशा विरोधी कमेटियां बनाकर चिट्टे की सप्लाई को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत वह खुद अपनी सोच से नशे के विरोध में मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा कि अब वे अपने व आसपास के गांव में नशा नहीं बिकने देंगी।

एंटी ड्रग फोर्स कमेटी से जुडे़ सदस्य ने कहा कि उनके गांव की महिलाओं ने नशे के विरोध में आगे आकर पंजाब के युवाओं को बचाने का प्रयास शुरू किया है। गांव दुलेवाला में पहले से पहरे लगते आ रहे हैं लेकिन अब महिलाएं भी गांव में पहरा देंगी और गांव में आने-जाने वाले हर एक शख्स की जांच करेंगी। गांववासी बहादुर सिंह ने कहा कि अब पंजाब में चिट्टे के खिलाफ लोक लहर खड़ी हो चुकी है, जो पंजाब के हर गांव तक पहुंच चुकी है। इसके चलते अब पूरी तरह से चिट्टे की सप्लाई लाइन बंद हो जाएगी।



 
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