लुधियाना के नगर सुधार ट्रस्ट प्लाट आवंटन घोटाले में विजिलेंस की आर्थिक अपराध शाखा ने अदालत में पहली चार्जशीट दायर कर दी है। विजिलेंस ने चार्जशीट में जहां ईओ कुलजीत कौर को मुख्य आरोपी बनाया है, वहीं मामले में पहले से गिरफ्तार उनके साथियों को सहयोगी बताया गया है। इस मामले में कुल चार आरोपी हैं।
विजिलेंस की चार्जशीट में कहा गया है कि ये लोग प्लाट आवंटन की बिड में छेड़छाड़ करते थे और चेयरमैन समेत दूसरे नेताओं के लिए रिश्वत लेने का काम करते थे। हालांकि, विजिलेंस ने अदालत में बताया है कि जांच चल रही है, जिसमें पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम, एक्सईएन बूटा राम, जगदेव सिंह, जेई इंदरजीत सिंह और मनदीप सिंह को भी सूची में डाला गया है।
बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने 12 सितंबर को ही अदालत में चालान पेश कर दिया था और तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में केस की सुनवाई शुरू करने की अपील की थी। बता दें कि विजिलेंस ने पहले ईओ कुलजीत कौर, सेल्स क्लर्क प्रवीन कुमार और क्लर्क हरमीत सिंह को एक बूथ की सेटलमेंट के लिए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसकी जांच विजिलेंस ने पूरी कर ली है।
तीनों की गिरफ्तारी के बाद 28 जुलाई को विजिलेंस की आर्थिक अपराध शाखा में नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम को भी नामजद किया। वह काफी समय तक लुधियाना से फरार थे। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद ही वह लुधियाना लौटे। अभी मामले में विजिलेंस ने पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम की गिरफ्तारी नहीं की है।