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रोपड़ जेल से कैदी का वीडियो वायरल, अधिकारियों पर लगाए संगीन आरोप, जांच के आदेश

Mon, 07 Oct 2019 09:51 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोपड़
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वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट
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रोपड़ जिला जेल से एक कैदी ने वीडियो बना कर वायरल कर दिया है। वीडियो में कैदी ने बैरकों को दिखाने के साथ साथ जेल में मोबाइल फोन बेचने की बातें कही हैं। वीडियो में तीन मोबाइल फोन भी दिखाए गए है और एक मोबाइल फोन से कैदी वीडियो बना रहा है।

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वीडियो बनाने वाले कैदी ने अपना परिचय नहीं दिया पर उसने जेल के सुपरिंटेंडेंट व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह अधिकारी उसे जेल में मोबाइल बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। 

कैदी ने कहा कि जेल मंत्री जेलों से नशा व मोबाइल फोन खत्म करने के दावे कर रहे है पर अधिकारी जेलों में यह सब कुछ बेच रहे है। कैदी ने वीडियो में कहा कि रोपड़ जेल के सुपरिंटेंडेंट अमरीक सिंह टिब्बी वा डिप्टी सुपरिंटेंडेंट मोहन लाल समेत हवलदार प्रगट सिंह ओर मुंशी कैदी गुबखश सिंह जेल में मोबाइल के अलावा नशा व जर्दा बेचने का काम कर रहे है।
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कैदी ने कहा कि डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने उसे छोटे फोन पांच से छह हजार रुपये और एंड्रॉयड फोन 25 से 30 हजार रुपये में बेचने के लिए दिए हैं। कैदी ने कहा कि ऐसा न करने पर उस पर पर्चा दर्ज करने और जेल तब्दील करने की धमकियां दी जा रही है। जेल की एक बरिक में कैदी ने यह मोबाइल फोन चलते हुए भी दिखाए है।

जेल के सुपरिंटेंडेंट अमरीक सिंह टिब्बी से संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। जानकारी के अनुसार जेल मंत्री ने इस वीडियो पर सख्त नोटिस लेते हुए जांच शुरू करवा दी है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अचानक जिला जेल का दौरा किया था।

इस दौरान भी दो जेल कर्मियों से मोबाइल मिलने पर कार्रवाई की गई थी। रविवार को भी जेल के एक कैदी से मोबाइल फोन मिलने पर मामला दर्ज किया गया है। वीडियो बनाने वाले कैदी के बारे में पुलिस तथा जेल प्रशासन कुछ नहीं बता रहा है। अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई भी सामने नहीं आई है।

पंजाब की जेलों तक फैलाए ड्रग तस्करों ने पांव
पंजाब की जेलों में जेलकर्मियों की मदद से ही कैदियों तक मोबाइल और नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं, इसका एक और उदाहरण गत दिवस रोपड़ जेल के एक कैदी के वायरल वीडियो से उजागर हुआ है। हालांकि डीजीपी दिनकर गुप्ता ने रोपड़ जेल मामले की जांच आईजी (जेल) को सौंपी है और वायरल हुए वीडियो के बारे में चार दिन में रिपोर्ट देने को भी कहा है। लेकिन इस घटना से यह साफ हो गया है कि पंजाब में ड्रग माफिया ने आम लोगों के बीच ही नहीं बल्कि जेलों के भीतर तक अपनी पैठ बना ली है। 

ड्रग माफिया का दबाव कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों पर भी है। इस साल अप्रैल में पटियाला जेल में दो जेल कर्मचारियों को कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया था। जेलों में कैदियों से मोबाइल और नशीले पदार्थ मिलने के मामले नए नहीं है। जेल मंत्री सुखजिदंर सिंह रंधावा द्वारा कई उपाय और कदम उठाए जाने के बावजूद जेलों में अवैध वस्तुओं की सप्लाई जारी है। 
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छह अक्तूबर फिरोजपुर जेल में भी चेकिंग के दौरान कैदियों से मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं। इस मामले में दो हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे दो दिन पहले अमृतसर की फताहपुर जेल में दो हवालालियों से दो ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल बरामद किया गया। इससे पहले भी अमृतसर, नाभा, पटियाला की जेलों में कैदियों के कब्जे से मोबाइल फोन मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। 

दरअसल, जेल विभाग ने राज्य की जेलों में गैंगस्टरों को रखने के लिए तो अलग सेल बनाए हैं, लेकिन ड्रग तस्करी में सजा काटने वालों के लिए कोई अलग सेल की व्यवस्था नहीं है। रविवार को रोपड़ जेल से वायरल हुए वीडियो ने जेल विभाग के लिए नई मुश्किल खड़ी कर दी है। 

डीजीपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जेल मंत्री जो कि इन दिनों 550वें प्रकाश पर्व की तैयारियों की देखरेख में व्यस्त हैं, ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया गया, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जेलों में व्यवस्था कड़ी की गई है, इसे ध्वस्त करने की कोशिश करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सख्त कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
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